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नीति आयोग के चौथे स्वास्थ्य सूचकांक में  शीर्ष पर केरल , उत्तरप्रदेश सबसे नीचे

नयी दिल्ली : नीति आयोग के चौथे स्वास्थ्य सूचकांक में केरल को शीर्ष पर और उत्तरप्रदेश को सबसे नीचे स्थान मिला है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने ‘चौथा संस्करण राष्ट्रीय स्वास्थ्य सूचकांक – 2019-20’ जारी किया।

यह सूचकांक स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित 24 मानकों के आधार पर तैयार किया जाता है। सूचकांक के अनुसार बड़े राज्यों की श्रेणी में केरल लगातार चौथे वर्ष शीर्ष पर बना हुआ है जबकि उत्तरप्रदेश को सबसे नीचे स्थान दिया गया है।

हालांकि बीते वर्ष में उत्तरप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गयी है। बड़े राज्यों की श्रेणी में तमिलनाडु को दूसरा और तेलंगाना को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। स्वास्थ्य सूचकांक में खराब प्रदर्शन करने वाले राज्यों में बिहार दूसरे और मध्यप्रदेश तीसरे स्थान पर हैं।

वृद्धि के संबंध में राजस्थान का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। छोटे राज्यों की श्रेणी में मिजोरम का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है। मिजोरम और त्रिपुरा के प्रदर्शन में सुधार देखा गया है। इस श्रेणी में अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है।

केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में दिल्ली और जम्मू कश्मीर का कुल प्रदर्शन निचले पर स्तर रहा है लेकिन सेवाओं में वृद्धि के संदर्भ में दोनों क्षेत्र शीर्ष पर हैं। इसे श्रेणी के के स्वास्थ्य सूचकांक में चंडीगढ़ सबसे ऊपर है।

दादर तथा नगर हवेली दूसरे और दिल्ली तीसरे स्थान पर हैं। पुद्दूचेरी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। नीति आयोग का यह सूचकांक 24 मानकों के आधार पर तैयार किया जाता है जो स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति, सुशासन और सूचना से संबंधित हैं। यह रिपोर्ट केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा विश्व बैंक के सहयोग तैयार की गयी है।

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