सीडीएस जनरल विपिन रावत की मौत से मसूरी में शोक की लहर

सेंटजार्ज कालेज के छात्रों के साथ भी कुछ समय बिताया था

मसूरी। सीडीएस जनरल विपिन रावत की तमिलनाडु के कन्नूर में एक हेलीकाप्टर हादसे में मौत हो गई। उनकी मौत की खबर सुनकर जहां पूरा देश शोकाकुल है वहीं मसूरी में भी शोक की लहर छा गई। सीडीएस रावत पूर्व में कई बार मसूरी आये और दो बार लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित किया था। वहीं उन्होंने इस दौरान सेंटजार्ज कालेज के छात्रों के साथ भी कुछ समय बिताया था।

सीडीएस जनरल विपिन रावत लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में पहली बार थलसेनाध्यक्ष रहते अप्रैल 2018 में मसूरी आये थे और अकादमी में सिविल मिलिट्री वर्कशॉप के समापन पर कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे 181 प्रशिक्षु व 84 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि सिविल व मिलिट्री अगर मिलकर काम करे तो देश तेजी से उन्नति की ओर बढे़गा।
उन्होंने सीमाओं की सुरक्षा पर कहा था कि भारतीय सेना हर चुनौती से निपटने के लिए सक्षम है।

इसके लिए देश को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उस समय मसूरी से लौटते समय उन्होंने सेंट जार्ज के बच्चों के साथ भी कुछ समय बिताया व कहा कि छात्र अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पढ़ाई पर ध्यान दें व अच्छा इंसान बनने का प्रयास करें।
उसके बाद सीडीएस विपिन रावत इसी साल सितंबर माह में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी आये थे जहां पर उन्होंने 27वें संयुक्त नागरिक सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के छह दिवसीय पाठयक्रम का उदघाटन किया था व अपने संबोधन में नागरिकों व सैन्य इंटरफेस के तालमेल पर जोर दिया था व कहा कि राष्ट्र हमेशा सर्वोपरि होता है।
उन्होंने नागरिक सैन्य कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को कहा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए विभिन्न आयामों और खतरों से अवगत कराने के लिए आयोजित किया जाता है। इस घटना पर बोलते हुए भाजपा मसूरी मंडल के अध्यक्ष मोहन पेटवाल ने कहा कि यह देश के लिए बहुत बड़ा आघात है।
उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा व आतंकवाद के खिलाफ उन्होंने कड़े कदम उठाये व देश की सेना को सीमाओं पर पूरी छूट दी, जिससे सेना का मनोबल व आत्म विश्वास बढ़ा। उनकी मृत्यु का समाचार सुनकर मसूरी में भी शोक की लहर छा गई।

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