जर्जर विद्यालय भवनों से बना छात्रों को जान का खतरा

पौड़ी।जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में छात्रों को जान जोखिम में डालकर अपनी पढ़ाई करनी पड़ रही है। उफनते नालों को पार कर स्कूल पहुंचने के बाद जोखिम कम नहीं। जर्जर स्कूल भवनों की छत के नीचे बैठ उन्हें खतरों का सामना करते हुए पढ़ना पड़ रहा है। थलीसैंण विकासखण्ड के स्योली तल्ली राइका भी इसी प्रकार की बदहाली का शिकार है, जिसका सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है।
थलीसैंण विकासखण्ड श्रीनगर विधानसभा के तहत आता है। इस विकासखण्ड के स्योली तल्ली राजकीय इंटर कालेज में पहले ही कक्षा कक्षों की कमी है, ऊपर से जो कक्ष हैं भी वे बेहद जर्जर स्थिति में हैं।  प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री की विधानसभा का इस विद्यालय में फर्नीचर तो चकाचक है, लेकिन कमरों की हालत बेहद जर्जर। राजस्व उप निरीक्षक की रिपोर्ट में भी इस भवन को काफी जीर्ण शीर्ण बताते हुए इसकी मरम्मत की संस्तुति की गई है। लेकिन आला अधिकारियों से लेकर नेताओं को इसकी सुध नहीं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में स्योली तल्ली राईका इंटर कॉलेज की तस्वीर देखी जा सकती है। विद्यालय के पीछे पहाड़ी से बहकर आने वाला बरसाती पानी विद्यालय के कक्षों में भरा रहता है। तालाब बने कमरों में ही छात्रों को पढ़ाई करने पर मजबूर होना पड़ता है। विद्यालय में अध्यापक विजेन्द्र सिंह बिष्ट ने बताया कि बारिश के दिनों में अधिक परेशानी है। कमरों से लेकर मैदान तक में पानी होने के कारण छात्रों को पढ़ाना संभव नहीं हो पाता है। अन्य दिनों में भी कक्षों की कमी के कारण कई विषयों की कक्षाएं बरामदे में संचालित होती हैं। विद्यालय कक्षा का लेंटर बेहद कमजोर स्थिति में हैं। छत से सीमेंट के टुकड़े गिरने से अनहोनी की संभावना बनी रहती है। साथ ही दीवारों में भी काफी दरारें हैं। 160 छात्र संख्या वाले इस विद्यालय की स्थिति को लेकर लगातार अधिकारियों व स्थानीय नेताओं को अवगत कराया जाता रहा है।
राजकीय इंटर कॉलेज स्योली तल्ली में रमसा के तहत नये भवन का निर्माण स्वीकृत कर दिया गया है। जल्द की प्रयोगशाला कक्षों समेत अन्य कक्ष युक्त दो मंजिला भवन का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा।

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