अक्सर लोग कहते हैं कि अन्य देशों में टीकाकरण का काम वहां की सरकारों ने पूरा कर लिया है। हां, यह सच है कि विदेशों में यह काम काफी तेजी के साथ किया गया है। लेकिन हमें यह समझना होगा कि जिन देशों की अधिकतम आबादी को टीका लगाया गया है, उसके पीछे वहां की कम जनसंख्या का होना मुख्य कारण है। जिन देशों में जनसंख्या कम होगी, वहां तो पूरा होगा ही। लेकिन भारत जैसे बढ़े देश में यह कतई संभव नहीं है। यहां की आबादी काफी बड़ी है। इसलिए भारत में तो समय लगेगा ही। न्यूजीलैंड, भूटान और सिंगापुर जैसे दर्जनों ऐसे देश हैं जहां टीकाकरण अभियान लगभग खत्म हो गया है। पर हमें यह समझना चाहिए कि महज टीका लगा लेने से इंसान कोरोना से बच नहीं सकता है। सिंगापुर में तो 100 फीसद टीकाकरण का काम पूरा कर लिया गया है। वहां के हालात भी सामान्य हो गये थे, लेकिन सिंगापुर में एकाएक कोरोना का प्रकोप बढ़ गया है।
- वैक्सीनेशन के काम में तेजी तभी आएगी, जब टीका उपलब्ध होगा। टीका का उत्पादन कैसे बढ़ेगा, कालाबाजारी कैसे रुकेगी, यह काम केंद्र सरकार का है, राज्य सरकारों का नहीं। इसलिए भारत सरकार अपनी जिम्मेदारी को समझे और टीके की उपलब्धता सुनिश्चित करे…
मतलब साफ है कि जहां भी कोरोना का प्रकोप दोबारा या तीसरी बार बढ़ा है, लोगों ने कोविड कर्फ्यू का पालन नहीं किया। सिर्फ कोविड कर्फ्यू की ही बात नहीं है। दो गज दूरी, मास्क और सैनेटाइजेशन जैसी जरूरी सावधानियां नहीं बरती गई हैं। सरकार द्वारा सख्ती बरते जाने के बाद भी लोग कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। महज टीकाकरण से कोरोना खत्म नहीं होगा। इसके लिए सरकार द्वारा निर्धारित गाइडलाइन का पालन करना भी अनिवार्य है। वरना, टीका लगने के बाद भी लोग कोविड की जद में आते रहेंगे। प्रत्येक व्यक्ति को टीका दिलवाना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। इससे सरकार बच नहीं सकती। देश से टीका गायब है, इसका सीधा अर्थ है कि सरकार की वैक्सीनेशन नीति में कहीं न कहीं गड़बड़ी जरूर है। इसको आम जनता दूर नहीं करेगी। इसका हल तो सरकार को बिना समय गंवाए ही निकालना होगा। यह बात तो सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है।
वैक्सीनेशन के काम में तेजी तभी आएगी, जब टीका उपलब्ध होगा। टीका का उत्पादन कैसे बढ़ेगा, कालाबाजारी कैसे रुकेगी, यह काम केंद्र सरकार का है। इसमें तो राज्य सरकारें भी कुछ नहीं कर सकतीं। इसलिए भारत सरकार अपनी जिम्मेदारी को समझे, महसूस करे और टीके की उपलब्धता सुनिश्चित करे। तभी जाकर पूरे देश में टीकाकरण अभियान को पूरी तरह से सफल बनाया जा सकता है। इसके साथ ही, लोगों को भी कोरोना की गाइडलाइन का पालन करना होगा। यदि कोविड कर्फ्यू लागू है तो इसका पालन सभी को ईमानदारी के साथ करना होगा। टीका की उपलब्धता समय पर नहीं होने से सरकार की तैयारियों की पोल खुल रही है कि सरकार ने सटीक प्लानिंग नहीं की जिसकी वजह से टीके की दिक्कत हो गई है। उम्मीद जताई जानी चाहिए कि सरकार वैक्सीनेशन के काम में तेजी लाने की दिशा में कोई न कोई कारगर कदम जरूर उठाएगी। ताकि देश के हर नागरिक को टीका लग सके।