विपक्षों दलों का पीएम मोदी पर तंज, कहा- देश को आक्सीजन चाहिए,भाषण नहीं

नई दिल्ली : पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संदेश पर विपक्षी दलों ने निशाना साधा है।  सोशल मीडिया पर उनके भाषण की जमकर आलोचना हो रही है।विपक्षी दलों के नेता पीएम मोदी के कोरोना पर दिए भाषण की निंदा कर रहे हैं। नेताओं ने कहा कि देश को इस वक्त आपके भाषण की नहीं आक्सीजन की जरूरत है। बता दें कि पीएम मोदी ने अपने 19 मिनट के संबोधन में कहा कि लॉकडाउन से बचने की भरपूर कोशिश करनी है और माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। ताकि लॉकडाउन जैसे हालात ना बने।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पीएम मोदी का भाषण कुछ अलग ही अंदाज का था। पिछले साल कोरोना की पहली लहर में केंद्र ने सबकुछ अपने हाथों में रखा था, यहां तक कि लॉकडाउन भी केंद्र सरकार की ओर से लगाया गया था। लेकिन एक साल बाद कोरोना की दूसरी लहर को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी  राज्य सरकारें और मोहल्ला समितियों पर डाल दी गई है। आखिर एक साल में ऐसे बदलाव कैसे हो गया।

पीएम मोदी के भाषण के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया कि रात 8.45 बजे के ज्ञान का सार  मेरे बस का कुछ नही, यात्री अपने सामान यानी जान की रक्षा स्वयं करें।कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि पीएम मोदी के भाषण का लबोलुआब यही रहा कि दोस्तों आप स्वयं की सुरक्षा करो। अगर आप कोरोना को मात देकर निकलने में सक्षम रहे तो निश्चित रूप से हम किसी उत्सव और महोत्सव में मिलेंगे। तब तक के लिए शुभकामनाएं। भगवन आपके साथ रहे।भारत में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप से स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने लगी है।

देश में कई जगहों से वैक्सीन की किल्लत,आक्सीजन और बेड्स कमी की शिकायतें आ रही हैं। देश में चरमरा रही स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस महासिचव प्रियंका गांधी ने कहा कि जनवरी-फरवरी में 6 करोड़ टीके को निर्यात करने की क्या जरूरत थी। उस वक्त तो सिर्फ 3 से 4 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन हुआ था। आखिरी भारतीयों को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई। प्रियंका ने सरकार पर वैक्सीन की कमी के लिए ठोस रणनीति नहीं होने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि रेमडिसिवर इंजेक्शन की कमी क्यों हो गई। प्रियंका ने मोदी सरकार से सवाल किया कि दुनिया में आक्सीजन उत्पादन करने में भारत सबसे ऊपर है, फिर भी यहां पर आक्सीजन की कमी हो जा रही है। आपके पास 7 से 8 महीने का वक्त था, जानकारों ने दूसरी लहर के बारे में सचेत भी किया था, लेकिन आपने इस पर ध्यान देना उचित नहीं समझा।

 

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