मेघालय में ढाई दशक बाद लौटा जनजातीय वंश का खासी संस्कृति का पवित्र ‘रक्षक पत्थर’
सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
शिलांग। मेघालय की हरी-भरी पहाड़ियों में एक ऐसी घटना घटी है, जो यहां की खासी सांस्कृतिक विरासत और आस्था की ताकत को नए सिरे से रेखांकित करती है। करीब 25 साल पहले गायब हो चुका खारदेवसाव वंश का पवित्र पत्थर 'मावखान' आखिरकार अपने मूल गांव रंगथोंग लौट आया है। फुटबॉल के…
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