….. उसके कदमों की तरफ देख, किधर जाते हैं!
बादल सरोज
पिछले दिनों, सप्तम सुर तक जा पहुंचे रौद्र रस में जारी भागवत कथा के बीच अचानक से कोमल सुर लग गया। हर संभव-असंभव स्थान और माध्यम से फूंकी जा रही रणभेरी के तुमुलनाद के बीच एकदम से मद्धम, लगभग लोरी-सी सुनाते हुए ओर्केस्ट्रा के प्रमुख ने अचानक कथा में लंकाकाण्ड की जगह शान्ति पर्व का पाठ…
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