एक परिवार और सौ भ्रष्टाचार
व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
भई, सिचुएशन बहुत ही कन्फ्यूजनात्मक हो रखी है। मोदी जी ने पहले एक तरफ परिवारवाद पर हमला बोल रखा था और दूसरी तरफ भ्रष्टाचार पर। परिवारवादी नेताओं ने देश का नाश कर दिया। परिवारवादी युवाओं के मौकों पर कुंडली मारकर बैठे हैं; दूसरों को आगे नहीं बढऩे दे रहे हैं, वगैरह,…
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