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संत और भोग विलास व्यंग्य

क्या विलासिता में डूबा व्यक्ति संत कहलाने का अधिकारी है? आधुनिक ‘कॉर्पोरेट गुरुओं’ पर तीखा व्यंग्य

कृष्ण गोपाल विद्यार्थी  भारतीय परंपरा में संन्यास और संतत्व को त्याग, तपस्या और वैराग्य का प्रतीक माना गया है। किंतु आधुनिक समय में आध्यात्मिकता के नाम पर बढ़ती भौतिकता और विलासिता ने इन मूल्यों को चुनौती दी है। इसी विडंबना पर आधारित यह व्यंग्य वर्तमान समाज के उस दोहरे चरित्र को उजागर करता है, जहां…
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