चुनाव में देवता, जीत के बाद पत्थर — नेताओं पर करारा व्यंग्य पढ़िए ‘पत्थर के सनम’
Krishna Gopal Vidyarth भारतीय राजनीति में चुनावी मौसम आते ही नेताओं का स्वभाव मानो बदल जाता है। चुनाव से पहले वही नेता जनता के बीच विनम्र, सहानुभूतिपूर्ण और सेवा भाव से भरे नजर आते हैं, लेकिन चुनाव जीतते ही उनका व्यवहार अचानक कठोर और दूरस्थ हो जाता है। यही विरोधाभास इस व्यंग्य ‘पत्थर के सनम’ का…
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