दिलीप घोष की वापसी या बंगाल भाजपा की मजबूरी?
आफरीन हुसैन
दिलीप घोष की अचानक सक्रियता को भाजपा “संगठनात्मक पुनरागमन” कह रही है। लेकिन सवाल यह है क्या यह सच में वापसी है, या बंगाल भाजपा की मजबूरी? लंबे समय तक हाशिये पर रखे गए, चुनाव में टिकट से वंचित, हार के बाद अदृश्य रहे दिलीप घोष आज फिर मंच पर हैं। अमित शाह के बंगाल दौरे के तुरंत बाद उनकी…
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