यूपीईएस में इंटरनेशनल यंग रिसर्चर्स कॉन्क्लेव 2026 का भव्य समापन, दुनिया भर के शोधार्थी जुटे

देहरादून स्थित **University of Petroleum and Energy Studies (यूपीईएस)** में आयोजित 4वें इंटरनेशनल यंग रिसर्चर्स कॉन्क्लेव 2026 का तीन दिवसीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह कॉन्क्लेव 26 से 28 फरवरी तक आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश से युवा शोधार्थियों, फैकल्टी सदस्यों, इंडस्ट्री विशेषज्ञों, उद्यमियों और नीति-निर्माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कॉन्क्लेव का आयोजन यूपीईएस के रिसर्च एंड डेवलपमेंट डिवीजन और सेंटर फॉर इंटर-डिसिप्लिनरी रिसर्च एंड इनोवेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में चल रहे शोध कार्यों को वैश्विक मंच प्रदान करना और अकादमिक जगत तथा उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत बनाना रहा।

तीन दिनों तक चले इस आयोजन में हेल्थकेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, डिजाइन एवं क्रिएटिविटी, एनर्जी और एनवायरनमेंट, जनरल मैनेजमेंट तथा लॉ जैसे विविध विषयों पर गहन मंथन हुआ। विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने वैश्विक चुनौतियों के समाधान में इंटरडिसिप्लिनरी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया।

कॉन्क्लेव के दौरान एब्स्ट्रैक्ट बुक का डिजिटल विमोचन भी किया गया, जो इस आयोजन की अकादमिक उपलब्धियों का प्रतीक बना। मुख्य अतिथि डॉ. सीमा विनायक ने अपने संबोधन में शोध को सामाजिक और औद्योगिक जरूरतों से जोड़ने की आवश्यकता बताई।

समापन अवसर पर यूपीईएस के वाइस चांसलर डॉ. सुनील राय ने कहा कि शोध केवल प्रकाशनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे सामाजिक उपयोगिता और सहयोग की दिशा में आगे बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने युवा शोधार्थियों को नवाचार और संवाद के माध्यम से वास्तविक समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

आयोजन में प्रो. अश्विनी नांगिया, प्रो. डी.के. अवस्थी, प्रो. एस.एम. तौसीफ, प्रो. पंकज कुमार, प्रो. आशीष माथुर और डॉ. अरपिट थॉमस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कॉन्क्लेव ने शोध-आधारित करियर और संस्थागत साझेदारियों के नए अवसरों को भी उजागर किया।

 

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