हल्द्वानी बिन्दुखत्ता क्षेत्र को राजस्व गांव का दर्जा देने के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। गुरुवार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार और स्थानीय विधायक डॉ. मोहन बिष्ट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान निंदा प्रस्ताव पारित कर पुतला दहन किया गया।
कार रोड स्थित भाकपा (माले) कार्यालय के पास आयोजित प्रदर्शन में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि विधायक ने 17 फरवरी को वीडियो संदेश जारी कर 25 फरवरी की कैबिनेट बैठक में बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने का आश्वासन दिया था। इसी भरोसे पर बिन्दुखत्ता संयुक्त संघर्ष समिति की प्रस्तावित रैली को स्थगित करने की अपील की गई थी।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 25 फरवरी को हुई कैबिनेट बैठक में न तो प्रस्ताव पारित हुआ और न ही इस मुद्दे पर चर्चा की गई। उनका आरोप है कि अब विधायक कागजात अधूरे होने का हवाला दे रहे हैं, जबकि पिछले चार वर्षों से यह वादा किया जा रहा था। उन्होंने विधायक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि 9 मार्च से गैरसैंण में शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में बिन्दुखत्ता और वन भूमि पर बसे अन्य क्षेत्रों को राजस्व गांव का दर्जा देने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को नहीं भेजा गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि 30 अप्रैल 2026 तक अधिसूचना जारी नहीं हुई तो 1 मई से व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रदर्शन में भाकपा (माले) नैनीताल जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पुष्कर दानू, मीना कपिल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।