देहरादून में हाल ही में सरकारी कर्मचारियों के साथ हुई घटनाओं के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी कार्यालयों और कार्यस्थलों पर अधिकारियों, कर्मचारियों तथा शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने 21 फरवरी को प्राथमिक शिक्षा निदेशालय में हुई घटना का जिक्र करते हुए राज्य में विभिन्न स्थानों पर कर्मचारियों के साथ हो रही अभद्र घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार कर्मचारियों के मान-सम्मान और सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने तत्काल मुख्य सचिव को फोन पर निर्देश देते हुए कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों के लिए एक स्पष्ट और प्रभावी एसओपी शीघ्र तैयार की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को भी निर्देशित किया कि सभी सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार या हिंसा की स्थिति में त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिक्षा निदेशालय प्रकरण में शामिल दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के दौरान राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार, मोर्चा के अध्यक्ष राम सिंह चौहान और महामंत्री मुकेश बहुगुणा सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। सरकार के इस निर्णय को कर्मचारियों की सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।