प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड में कई प्रेरक और समसामयिक विषयों पर देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने केरल की 10 माह की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम के अंगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इतने छोटे जीवन के बाद भी उसने अनेक लोगों को नई जिंदगी देने का संदेश दिया है। आलिन के माता-पिता अरुण अब्राहम और शेरिन के इस साहसिक निर्णय की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पूरे देश के लिए प्रेरणा है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि आज देश गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलकर अपने महान व्यक्तित्वों को सम्मान दे रहा है। 23 फरवरी को राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल सी राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। पहले वहां ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की प्रतिमा लगी थी।
आगामी रमजान और होली का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प साकार होता है।
नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इंपैक्ट शिखर सम्मेलन’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने स्वदेश में विकसित तीन एआई मॉडल प्रस्तुत किए। यह आयोजन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य को दिशा देने वाला साबित हुआ।
अंगदान के सकारात्मक परिणामों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने हृदय, फेफड़ा और गुर्दा प्रत्यारोपण के बाद सामान्य जीवन जी रहे लोगों के उदाहरण साझा किए। साथ ही डिजिटल धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह देते हुए बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करने की चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि भारत के किसान आधुनिक तकनीक अपना रहे हैं और देश विश्व का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बन चुका है। कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने सांस्कृतिक एकता, कृषि प्रगति और समाजसेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।