नई दिल्ली, प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के अंतिम दिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और गहन तकनीक क्षेत्र से जुड़े प्रमुख स्टार्टअप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से विस्तृत बातचीत की। इस दौरान उन्होंने नवाचार, अनुसंधान और स्वदेशी तकनीकी समाधान विकसित करने पर विशेष जोर दिया।
भारत मंडपम में आयोजित इस सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री ने हेल्थकेयर, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष, कृषि और अन्य उभरते क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय स्टार्टअप्स की परियोजनाओं की जानकारी ली। स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने एआई आधारित अपने उत्पादों, तकनीकी समाधानों और उनके सामाजिक व आर्थिक प्रभावों के बारे में प्रस्तुति दी।
बैठक में इस बात पर गहन चर्चा हुई कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और डीप टेक्नोलॉजी किस प्रकार भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवा उद्यमियों में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता है। उन्होंने स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तकनीक विकसित करने और ‘मेड इन इंडिया’ समाधानों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि सरकार का उद्देश्य तकनीक को आम नागरिकों तक पहुंचाना, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना और डिजिटल समाधानों को बढ़ावा देना है। उन्होंने अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) में निवेश बढ़ाने और निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने की बात कही।
पांच दिवसीय एआई इम्पैक्ट समिट 16 फरवरी से शुरू हुआ था और शुक्रवार को इसका समापन हुआ। इस वैश्विक सम्मेलन में दुनिया भर के तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने भाग लिया। कार्यक्रम में Sundar Pichai, Sam Altman और Dario Amodei सहित कई वैश्विक टेक कंपनियों के प्रमुखों ने एआई के भविष्य, उसके अवसरों और चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।
प्रधानमंत्री की इस पहल को भारत को एआई और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
