हल्द्वानी में गूंजी बैठकी होली, जानिए कैसे जुड़ रही है नई पीढ़ी अपनी जड़ों से

हल्द्वानी, । कुमाऊं क्षेत्र में इन दिनों होली का उल्लास पूरे शबाब पर है। पारंपरिक बैठकी होली के सुर वातावरण को भक्तिमय और रंगों से सराबोर बना रहे हैं। इसी सांस्कृतिक उत्साह के बीच हल्द्वानी के जगदंबा बैंक्विट हॉल में शिखर सांस्कृतिक विकास समिति द्वारा कुमाऊंनी होली महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य इस समृद्ध लोक परंपरा को सहेजना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना था।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और बालिकाओं ने सहभागिता की। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने जब बैठकी होली के सुर छेड़े तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। “सिद्धि करो महाराज होलिन के दिन में…” और “गणपति गौरी महेश मनाऊ, इन संग पूजो आज…” जैसे पारंपरिक गीतों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

संस्था की अध्यक्ष लता कुंजवाल ने कहा कि कुमाऊंनी होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि हमारी लोकसंस्कृति, आस्था और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझती है और उन्हें आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है। उनका मानना है कि बदलते दौर में पारंपरिक आयोजनों का महत्व और भी बढ़ जाता है।

होली गायन के साथ विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक रीति-रिवाजों का आनंद लिया।

इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि यदि समाज मिलकर प्रयास करे तो लोक परंपराएं न केवल जीवित रह सकती हैं, बल्कि नई ऊर्जा के साथ आगे भी बढ़ सकती हैं।

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