देहरादून। सुदूरवर्ती और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक शासन-प्रशासन को पहुंचाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी पहल **“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”** अभियान ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस अभियान के तहत लगाए जा रहे बहुउद्देशीय शिविरों के माध्यम से सरकारी योजनाएं और सेवाएं सीधे गांव-गांव तक पहुंच रही हैं, जिससे आमजन को राहत मिल रही है।
मुख्यमंत्री **पुष्कर सिंह धामी** के निर्देशों पर शनिवार को देहरादून जिला प्रशासन ने **कालसी ब्लॉक** की दूरस्थ न्याय पंचायत डागुरा के **माख्टी गांव** में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया। शिविर में **354 ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ** प्रदान किया गया। उपजिलाधिकारी **डॉ. हर्षिता सिंह** ने शिविर में जनसुनवाई कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का **मौके पर ही समाधान** किया।
शिविर के दौरान ग्रामीणों द्वारा **सड़क, पेयजल, शिक्षा, विद्युत, राजस्व** सहित विभिन्न विभागों से संबंधित **38 शिकायतें** प्रस्तुत की गईं। इनमें से **12 शिकायतें लोक निर्माण विभाग एवं पीएमजीएसवाई** से जुड़ी सड़कों को लेकर थीं, जो सबसे अधिक रहीं। उपजिलाधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को **समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी निस्तारण** के कड़े निर्देश दिए।
डॉ. हर्षिता सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की **लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा**। उन्होंने शिविर में लगे विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा **एलोपैथिक में 101 तथा आयुर्वेदिक में 62 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच** कर निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। इसके साथ ही **05 मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट और 10 किशोरी किट** का वितरण भी किया गया।
इस अवसर पर **ज्येष्ठ उप प्रमुख मीरा राठौर, तहसीलदार प्रदीप नेगी, खंड विकास अधिकारी जगत सिंह, सहायक विकास अधिकारी धर्मपाल सिंह तेजवान**, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे बेहद उपयोगी बताया।