हल्द्वानी/नैनीताल। जिले में सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल द्वारा शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा के दौरान **35 शस्त्र लाइसेंस निरस्त** कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई राष्ट्रीय शस्त्र लाइसेंस पोर्टल पर **यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN)** का पंजीकरण न कराए जाने के कारण की गई है।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू **राष्ट्रीय शस्त्र लाइसेंस पोर्टल (National Arms License Portal)** पर सभी लाइसेंसधारकों के लिए पंजीकरण और विवरण अद्यतन करना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए शासन स्तर से समय-समय पर सूचना भी जारी की गई और लाइसेंसधारकों को पर्याप्त अवसर दिए गए। बावजूद इसके, जिन 35 लाइसेंसधारकों ने पोर्टल पर अपना डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट नहीं कराया, उनके खिलाफ शस्त्र अधिनियम और शासन के निर्देशों के तहत यह कार्रवाई की गई।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट किया कि शस्त्र लाइसेंस केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि एक **गंभीर कानूनी दायित्व** है। इसका उद्देश्य आत्मरक्षा के साथ-साथ समाज में शांति, सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि अवैध या अनियमित शस्त्र लाइसेंस कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकते हैं, इसलिए प्रशासन ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरतेगा।
उन्होंने सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों से अपील की है कि वे अपने लाइसेंस का **यूआईएन पंजीकरण**, समय पर नवीनीकरण और पोर्टल पर सभी आवश्यक विवरणों का अद्यतन अनिवार्य रूप से कराएं। यदि भविष्य में भी कोई लाइसेंसधारक निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करता है, तो उसके शस्त्र लाइसेंस को बिना किसी अतिरिक्त सूचना के निरस्त किया जा सकता है।
प्रशासन का यह कदम जिले में अवैध शस्त्रों पर नियंत्रण और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे अन्य लाइसेंसधारकों को भी नियमों के पालन के प्रति सतर्क होने का संदेश मिला है।