रुद्रपुर। चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) के विरोध में **12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रीय आम हड़ताल** को सफल बनाने के लिए **श्रमिक संयुक्त मोर्चा** ने युद्धस्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मोर्चा कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें हड़ताल की रणनीति और जनभागीदारी को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए **संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश तिवारी** ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार श्रम संहिताएं मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर इन कोड्स को लागू करना श्रमिकों को कमजोर करने और पूंजीपतियों के पक्ष में नीतियां थोपने जैसा है। उन्होंने कहा कि देशभर में मजदूर वर्ग शोषण से त्रस्त है और अब अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर सड़कों पर उतरने को मजबूर है।
मोर्चा के **महामंत्री चंद्रमोहन लखेड़ा** ने बताया कि 12 फरवरी की हड़ताल को औद्योगिक क्षेत्रों में प्रभावशाली बनाने के लिए लगातार प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। कई श्रमिक यूनियनों ने अपने-अपने प्रबंधन को हड़ताल का औपचारिक नोटिस दे दिया है। पर्चों के माध्यम से मजदूरों को जागरूक किया जा रहा है, जबकि आगामी दिनों में पोस्टर अभियान भी तेज किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि हड़ताल को व्यापक समर्थन दिलाने के लिए **छोटे बाइक जुलूस, साइकिल रैलियां और पैदल मार्च** आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर श्रमिक तक हड़ताल का संदेश पहुंचे। मोर्चा का दावा है कि इस हड़ताल को विभिन्न उद्योगों और श्रमिक संगठनों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
निर्णय लिया गया कि **12 फरवरी को कार्य बहिष्कार** के बाद श्रमिक संगठन और मजदूर बड़ी संख्या में **रुद्रपुर के गांधी पार्क में एकत्र होकर विशाल जनसभा** आयोजित करेंगे, जहां श्रमिक अधिकारों और लेबर कोड्स के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी।