उत्तराखंड के पौड़ी जनपद में लंबे समय से दहशत का कारण बने आदमखोर गुलदार को वन विभाग की टीम ने ढेर कर दिया है। नागदेव क्षेत्र के ग्राम ढांडरी में सक्रिय इस गुलदार के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था। नवंबर माह में एक महिला पर हुए जानलेवा हमले के बाद से इलाके को मानव-वन्यजीव संघर्ष की संवेदनशील श्रेणी में रखा गया था।
प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव ने बताया कि गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किए गए। इसके तहत क्षेत्र में पांच पिंजरे लगाए गए, 15 ट्रैप कैमरों और चार लाइव सोलर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की गई। गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसके पगचिह्नों का भी अध्ययन किया गया। ट्रैंक्युलाइजेशन के प्रयासों में सिविल सोयम वन प्रभाग पौड़ी, रुद्रप्रयाग वन प्रभाग और राजाजी नेशनल पार्क की विशेषज्ञ टीमों का सहयोग लिया गया।
उन्होंने बताया कि तमाम प्रयासों के बावजूद गुलदार को सुरक्षित रूप से पकड़ने में सफलता नहीं मिली। क्षेत्र में उसकी लगातार आवाजाही और भविष्य में जनहानि की आशंका को देखते हुए उच्च स्तर से अनुमति प्राप्त की गई। इसके बाद 8 जनवरी की रात करीब 10:15 बजे ग्राम ढांडरी क्षेत्र में चिन्हित गुलदार को विभागीय टीम द्वारा शूट किया गया। बाद में पशु चिकित्सकों की टीम ने मृत गुलदार का विधिवत पोस्टमॉर्टम किया। मारा गया गुलदार नर था, जिसकी आयु लगभग 10 वर्ष आंकी गई है।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि जनपद में नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गुलदार से लोगों की सुरक्षा के लिए सभी वैकल्पिक उपाय अपनाए गए, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए यह कार्रवाई अंतिम विकल्प के रूप में करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि प्रशासन मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को लेकर अत्यंत संवेदनशील है और प्रभावित क्षेत्रों में सतत निगरानी, त्वरित सूचना तंत्र और जनजागरूकता को और मजबूत किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 21 नवंबर 2025 को ग्राम ढांडरी निवासी भगवान देवी पर थलदार तोक क्षेत्र में घास काटते समय गुलदार ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद से ही इलाके में व्यापक सुरक्षा और निगरानी अभियान चलाया जा रहा था।