वर्ष 2025 फॉर्मूला 1 के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ है। इस सीज़न में न केवल ट्रैक पर रोमांच चरम पर रहा, बल्कि भारत सहित पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में इस खेल की लोकप्रियता ने नए रिकॉर्ड बना दिए। भारत में फॉर्मूला 1 के प्रशंसकों की संख्या बढ़कर 7.88 करोड़ तक पहुंच गई है, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है।
यह सीज़न कई ऐतिहासिक पलों का गवाह बना। 15 वर्षों में सबसे करीबी फिनाले में लैंडो नॉरिस ने अपना पहला विश्व खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। मैकलारेन की शीर्ष पर वापसी ने लंबे समय से चला आ रहा उसका खिताबी सूखा भी खत्म किया। नॉरिस की जीत ने फॉर्मूला 1 को एक क्लासिक सीज़न दिया, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।
भारतीय मोटरस्पोर्ट के लिए भी 2025 बेहद खास रहा। मोनाको में कुश मैनी की जुझारू और यादगार जीत ने भारतीय प्रशंसकों को गर्व का एहसास कराया। तकनीकी चुनौतियों के बावजूद कुश मैनी ने इनविक्टा रेसिंग के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को फॉर्मूला 2 कंस्ट्रक्टर्स खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। पोस्ट-सीज़न टेस्टिंग में अल्पाइन के लिए उनके प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद अब वे एआरटी ग्रां प्री टीम के साथ अगले स्तर की तैयारी में जुटे हैं।
वहीं, भारत से जुड़ी जड़ों वाले रेड बुल जूनियर ड्राइवर आर्विड लिंडब्लाड को रेसिंग बुल्स टीम में प्रमोशन मिला। 2026 में उनके फॉर्मूला 1 ग्रिड पर उतरने की उम्मीद है, जिससे भारतीय फैंस को एक नया सितारा देखने को मिलेगा।
वैश्विक स्तर पर भी फॉर्मूला 1 की लोकप्रियता चरम पर रही। दुनियाभर में 67 लाख से अधिक दर्शक रेस ट्रैक्स तक पहुंचे। सोशल मीडिया पर यह लगातार पांचवें साल सबसे तेजी से बढ़ने वाली स्पोर्ट्स लीग बनी, जहां 2.3 अरब से ज्यादा एंगेजमेंट दर्ज किए गए। फॉर्मूला 1 अब एनबीए से भी अधिक लोकप्रिय वैश्विक खेल बन चुका है।
ट्रैक के बाहर भी सफलता जारी रही। *फॉर्मूला 1: द मूवी* ने 630 मिलियन डॉलर से अधिक की कमाई कर इतिहास की सबसे सफल स्पोर्ट्स फिल्म का दर्जा हासिल किया। अब नजरें 2026 के नए तकनीकी नियमों पर हैं, जहां सस्टेनेबल फ्यूल्स, नए पावर यूनिट्स और ऑडी-कैडिलैक की एंट्री के साथ फॉर्मूला 1 एक नए युग में कदम रखने को तैयार है।