उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में जमी नदियां-झरने, बर्फबारी ने बदला नज़ारा

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हालिया बर्फबारी के बाद प्रकृति ने अद्भुत और मनमोहक रूप धारण कर लिया है। यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ समेत कई ऊंचाई वाले इलाकों में झरने और छोटी नदियों का पानी जम गया है, जिससे यहां का दृश्य किसी स्वप्नलोक जैसा प्रतीत हो रहा है। कड़ाके की ठंड के बावजूद इन क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।

बर्फबारी के चलते सीमांत और ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान शून्य से काफी नीचे चला गया है। कई स्थानों पर पारा माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसके कारण झरनों और बहते पानी की धाराएं जम गई हैं। बदरीनाथ धाम में बहने वाले झरने और जलधाराएं बर्फ की आकृतियों में तब्दील हो चुकी हैं, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई हैं।

शीतकाल में भी उत्तराखंड की वादियां अपनी प्राकृतिक छटा से लोगों को लुभा रही हैं। बरसात के बाद फैले हरे-भरे बुग्याल, पहाड़ों पर जमी बर्फ और जमे हुए झरनों का दृश्य प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने देश-विदेश के पर्यटकों से शीतकाल में उत्तराखंड आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। साथ ही जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पर्यटक स्थलों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

वहीं, स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से ठंड और फिसलन को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है। प्रशासन का कहना है कि सतर्कता के साथ यात्रा करने पर शीतकालीन उत्तराखंड का अनुभव अविस्मरणीय रहेगा।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.