निर्देशक आदित्य धर की हिंदी फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर गुजरात में विवाद गहराता जा रहा है। जूनागढ़ में बलोच मकरानी समाज ने फिल्म के एक संवाद पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसे अभिनेता संजय दत्त ने स्क्रीन पर बोला है। समाज का आरोप है कि यह संवाद विशेष रूप से उनकी जाति को निशाना बनाता है और इससे उनकी भावनाओं को गहरी चोट पहुंची है।
समाज के प्रमुख और एडवोकेट एजाज़ मकरानी ने इस मामले में निर्देशक, अभिनेता और संवाद लेखक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए तालुका पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि फिल्म निर्माताओं ने व्यावसायिक लाभ के लिए समुदाय की छवि धूमिल करने की कोशिश की है, जो न केवल गलत है, बल्कि समाज में तनाव भी पैदा कर सकता है।
एजाज़ मकरानी ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर पुलिस उचित कदम नहीं उठाती, तो समाज गुजरात हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएगा। उनका कहना है कि इस तरह के विवादित संवादों पर समय रहते रोक लगना बेहद आवश्यक है, ताकि भविष्य में अन्य समुदायों की भावनाएं आहत न हों।
गौरतलब है कि बलोच मकरानी समाज मूल रूप से बलूचिस्तान के मकरान क्षेत्र से जुड़ा है। जूनागढ़ में ही उनकी आबादी 25,000 से अधिक है, जबकि पूरे गुजरात में इनकी संख्या करीब 8 लाख बताई जाती है। यह समाज कच्छ, सूरत, राजकोट, अहमदाबाद, जामनगर और भावनगर सहित कई शहरों में बड़े पैमाने पर बसा हुआ है।