देहरादून जिले में सरकारी कामकाज को पूरी तरह डिजिटल और कागजरहित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने कदम तेज कर दिए हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर जनपद के सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल कार्यप्रणाली के प्रति दक्ष बनाना तथा शासन की ई-गवर्नेंस नीति को जमीनी स्तर पर मजबूत करना रहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रणाली के संचालन से जुड़ी सभी प्रमुख प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें ई-फाइल निर्माण, ऑनलाइन पत्राचार, नोटशीट तैयार करना, फाइलों का डिजिटल अग्रसारण, दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, फाइल ट्रैकिंग और ऑनलाइन अनुमोदन जैसी व्यवस्थाओं का व्यवहारिक प्रशिक्षण शामिल रहा।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जनपद के सभी कार्यालयों में शासकीय कार्यों का निष्पादन चरणबद्ध तरीके से पूर्णतः ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने तथा डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशिक्षण सत्र का संचालन जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (एनआईसी) अंकुश पाण्डेय और ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेंद्र शर्मा ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को ई-ऑफिस पोर्टल पर लॉगिन प्रक्रिया, डिजिटल हस्ताक्षर के उपयोग, दस्तावेज अपलोड करने और फाइलों के ऑनलाइन प्रबंधन का व्यावहारिक प्रदर्शन कर समझाया। साथ ही प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए तकनीकी प्रश्नों का समाधान भी किया गया।
प्रशिक्षकों ने बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली अपनाने से कार्यालयी कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी होगी। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और अभिलेखों का सुरक्षित रखरखाव भी संभव हो सकेगा। जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगामी दिनों में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि देहरादून जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।