महंत रोहित गिरी ने लगाए गंभीर आरोप—क्या है मंदिर संपत्ति विवाद की सच्चाई?

हरिद्वार। चंडी देवी मंदिर प्रकरण में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत रोहित गिरी की शिकायत पर उनकी पूर्व पत्नी सहित कुल नौ लोगों के खिलाफ श्यामपुर थाना पुलिस को धोखाधड़ी, जालसाजी और षड्यंत्र रचने के आरोपों में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

अधिवक्ता राकेश कुमार सिंह के अनुसार, महंत रोहित गिरी ने कोर्ट में लिखित शिकायत दी थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि उनकी पूर्व पत्नी गीतांजलि, भवानी नंदन गिरी और उनके कुछ रिश्तेदारों ने आपस में मिलकर मंदिर की संपत्ति को हड़पने की साजिश रची। शिकायत में कहा गया कि मंदिर ट्रस्ट के नवीनीकरण के नाम पर फर्जी हस्ताक्षरों के माध्यम से मुख्य ट्रस्टी पद से उनके कथित इस्तीफे का दस्तावेज तैयार किया गया। साथ ही ट्रस्ट से जुड़े बैंक खातों का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया गया।

शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने पुलिस को मामले में FIR दर्ज करने और जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए महंत रोहित गिरी ने कहा कि पूरी घटना सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा है और मंदिर पर कब्जा करने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इस फैसले के बाद मंदिर परिसर और स्थानीय समुदाय में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

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