कांग्रेस का मिशन 2027 क्यों बना भाजपा के लिए चुनौती? बड़े नेताओं ने खोले पत्ते

देहरादून। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अब पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय—राजीव भवन, देहरादून में AICC और PCC सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने संगठन की मजबूती, बूथ-स्तर तक की रणनीति और जनता के बीच गहरा जुड़ाव बनाने पर विस्तृत मंथन किया।

बैठक की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने की। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत, प्रदेश के नवनियुक्त सह-प्रभारी मनोज यादव, सह-प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व काबिना मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, पूर्व मंत्री नवप्रभात, राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा समेत कई पूर्व मंत्री, विधायक, फ्रंटल संगठनों के अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में AICC-PCC सदस्य उपस्थित रहे।

मिशन 2027 के पाँच प्रस्ताव हुए पारित

बैठक में प्रेम बहुखंडी द्वारा सदन में पांच प्रमुख प्रस्ताव पेश किए गए, जिन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया और इन्हें “मिशन 2027 संकल्प” नाम दिया गया। प्रस्ताव इस प्रकार रहे—

  1. सुरक्षित उत्तराखंड
  2. आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय सुरक्षा
  3. खुशहाल परिवार
  4. स्वस्थ जीवन
  5. सभी के लिए रोजगार और आय की गारंटी

नेताओं ने खोले रणनीति के पत्ते

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि “2027 केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि उत्तराखंड के भविष्य का सवाल है।” उन्होंने ज़ोर दिया कि यदि कार्यकर्ता बूथ स्तर तक मजबूती से सक्रिय हो जाएँ, तो कांग्रेस को रोक पाना किसी भी पार्टी के लिए मुश्किल होगा।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य की जनता बदलाव का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा, “बेरोज़गारी, महंगाई और विकास में उपेक्षा—यह सब मिलकर जनता को नई राह की ओर ले जा रहा है, और वह राह कांग्रेस की ओर जाती है।”

चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि पार्टी की रणनीति बिल्कुल स्पष्ट है—मजबूत बूथ, सशक्त कार्यकर्ता और एकजुट नेतृत्व। उनके अनुसार कांग्रेस की वापसी ही 2027 का मुख्य लक्ष्य है, जो जनता की जीत होगी।

सह-प्रभारी मनोज यादव ने संगठनात्मक अनुशासन और समन्वय को जीत की कुंजी बताते हुए कहा कि कांग्रेस अब पहले से अधिक ऊर्जावान और संगठित रूप में मैदान में उतर रही है।

सह-प्रभारी सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि कांग्रेस तभी जीतती है जब कार्यकर्ता भरोसा और जज़्बे के साथ काम करते हैं, और आज की बैठक से यह स्पष्ट है कि पूरी टीम लड़ाई के लिए तैयार है।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट और नवप्रभात ने उत्तराखंड की समस्याओं—विशेषकर पलायन, बेरोज़गारी और ग्रामीण उपेक्षा—पर चिंता जताई। नेताओं ने कहा कि 2027 में जनता भाजपा की नाकामियों का जवाब देगी।

बैठक का संचालन संगठन प्रशासन के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने किया, जबकि समापन महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने इस विश्वास के साथ किया कि “2027 निश्चित रूप से कांग्रेस का वर्ष होगा।”

बैठक में यह संकल्प दोहराया गया कि कांग्रेस का लक्ष्य एक ही है—जनता का भरोसा जीतना और उत्तराखंड को एक बेहतर, पारदर्शी और जनहितकारी सरकार देना।

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