गौतम बुद्ध नगर में बड़ा खुलासा — आयुर्वेद अस्पताल में चल रहा था एलोपैथिक उपचार, किशोर की मौत से हड़कंप

गौतम बुद्ध नगर। जिले के प्यावली गांव में एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान किशोर की हुई **संदिग्ध मौत** के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में **गंभीर अनियमितताएँ** पाए जाने पर अस्पताल को **तत्काल प्रभाव से सील** कर दिया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि अस्पताल के पास केवल **आयुर्वेदिक चिकित्सा का लाइसेंस** था, लेकिन वहां **एलोपैथिक उपचार और उपकरणों** का इस्तेमाल किया जा रहा था।

मामला **थाना जारचा क्षेत्र** का है। गांव निवासी **नरेंद्र कुमार** ने स्वास्थ्य विभाग को दी गई शिकायत में बताया कि उनका भतीजा **रजत भाटी (किशोर)** 4 अक्टूबर को इसी अस्पताल में इलाज कराने गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने **गलत इंजेक्शन लगाया**, जिससे रजत की हालत अचानक बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

शिकायत पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के आदेश पर **नोडल अधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार** के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई। टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया, जिसमें पाया गया कि अस्पताल के पास केवल **आयुर्वेदिक चिकित्सा का पंजीकरण** है, जबकि वहां पर **एलोपैथिक दवाएं, एक्स-रे मशीन और हड्डी जोड़ने के उपकरण** मौजूद थे।

जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि अस्पताल में न तो योग्य एलोपैथिक चिकित्सक थे और न ही आवश्यक अनुमति। इसे देखते हुए विभाग ने अस्पताल को **बृहस्पतिवार को सील** कर दिया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को **तीन दिन के भीतर जवाब** देने का नोटिस जारी किया गया है। यदि जवाब **संतोषजनक नहीं पाया गया**, तो अस्पताल संचालक के खिलाफ **कानूनी कार्रवाई** की जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में कई छोटे निजी अस्पताल **बिना पर्याप्त अनुमति और लाइसेंस के संचालित** हो रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से ऐसे अस्पतालों पर व्यापक जांच की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

 

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