उत्तरकाशी। राज्य में हालिया प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की *पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट (पीडीएनए)* टीम ने गुरुवार को उत्तरकाशी जिले का दौरा किया। टीम ने धराली और हर्षिल गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां हुई तबाही का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने आपदा प्रभावित स्थानीय लोगों और मौके पर मौजूद अधिकारियों से सीधी बातचीत की। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं टीम के समक्ष रखीं और आपदा के कारण मकान, होटल, बगीचे, फसलें व व्यवसाय को हुए नुकसान की जानकारी दी। प्रभावितों ने जल्द से जल्द पुनर्वास, रोजगार और क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने की मांग भी उठाई।
पीडीएनए टीम ने आपदा से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे, जैसे सड़कें, पुल, बिजली व जल आपूर्ति लाइनें, सार्वजनिक भवनों की स्थिति का आकलन किया। इसके साथ ही कृषि, पशुधन और स्थानीय आजीविका के साधनों पर पड़े नकारात्मक असर का भी जायजा लिया। टीम ने गंगोत्री यात्रा मार्ग पर आपदा के दौरान वाशआउट हुई सड़कों और अन्य विभागीय क्षति का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि भारी बारिश और भूस्खलन के कारण उनका जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हर्षिल और धराली में तेलगाड व खीर गंगा से आई आपदा ने सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया। कई परिवारों के मकान और रोज़गार के साधन पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं।
गौरतलब है कि मानसून के दौरान हर्षिल, धराली, स्यानाचट्टी, जंगलचट्टी, सोनगाड और लिमच्यागाड जैसे इलाकों में भारी तबाही हुई थी। यात्रा मार्ग भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने से तीर्थयात्रा और आम जनजीवन दोनों बाधित हुए।
इस मौके पर एडीएम मुक्ता मिश्र, एसडीएम भटवाड़ी शालिनी नेगी, अधीक्षण अभियंता सिंचाई संजय राज, जिला शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र अमोली, एसीएमओ बी.एस. पांगती, डीटीडीओ के.के. जोशी और अधिशासी अभियंता यूपीसीएल मनोज गुसाईं समेत कई जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।