बलोचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने पाकिस्तान सेना पर हमला कर दो सैनिकों को मार गिराने और तीन को घायल करने का दावा किया है। संगठन ने कहा कि यह हमला 24 सितंबर को सुबह 8 बजे अवारन जिले के बुजदाद क्षेत्र में किया गया।
बीएलएफ के प्रवक्ता घोरम बलोच ने मीडिया को भेजे बयान में कहा कि उनके लड़ाकों ने सेना की पैदल गश्ती टीम को रिमोट कंट्रोल बम से निशाना बनाया। विस्फोट के बाद सेना के हेलीकॉप्टर मौके पर पहुंचे और मृतकों व घायलों को वहां से ले जाया गया। प्रवक्ता ने बताया कि बीएलएफ इस हमले की पूरी जिम्मेदारी लेता है।
इसके अलावा, संगठन ने 20 सितंबर को बरखान जिले के वादी बाघाओ पर एक और कार्रवाई का दावा किया। यहां सड़क निर्माण कर रही एक निजी कंपनी की मशीनरी पर गोलीबारी की गई और बाद में क्रैश प्लांट सहित मशीनरी को आग के हवाले कर दिया गया।
इसी बीच, बलोचिस्तान छात्र संगठन (बीएसओ) पुजार गुट ने अपने पूर्व अध्यक्ष जुबैर बलोच की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त किया है। संगठन ने उन्हें शहीद और “दागर” की उपाधि देते हुए पांच दिन का शोक घोषित किया है।
बीएसओ ने बयान जारी कर कहा कि जुबैर बलोच शांतिपूर्ण संघर्ष और जनसेवा में विश्वास रखते थे। उनके नेतृत्व में संगठन ने शिक्षा, न्याय और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने का काम किया। संगठन ने आरोप लगाया कि जुबैर बलोच की हत्या पाकिस्तान सेना और उसके समर्थन वाले डेथ स्क्वॉड ने दलबंदिन में की।
संगठन ने कहा कि पांच दिन तक सभी गतिविधियां संक्षिप्त रहेंगी और कार्यकर्ता विभिन्न आयोजनों के माध्यम से जुबैर बलोच की स्मृति को जीवित रखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेंगे और उनके सिद्धांतों को आगे बढ़ाते रहेंगे।
यह घटनाक्रम बलोचिस्तान में बढ़ती अस्थिरता और पाकिस्तान सेना व अलगाववादी संगठनों के बीच जारी संघर्ष को एक बार फिर उजागर करता है।