देहरादून। उत्तराखंड के दिवंगत लोक कलाकारों को याद करने और उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए आवाज सुनो पहाड़ों मंच द्वारा तृतीय ‘श्रद्धा सम्मान’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दिवंगत कलाकारों की आत्माओं की शांति के लिए शांति पाठ किया गया और उनके गीतों के माध्यम से उन्हें याद किया गया।
अजबपुर स्थित संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धांजलि देने के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में सचिव संस्कृति विभाग युगल किशोर पंत, नगर आयुक्त ऋषिकेश गोपाल राम बिनवाल, गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी, पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, लोकगायिका मीना राणा और मंच अध्यक्ष बलवीर सिंह पंवार सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित किया। 11 बटुक ब्राह्मणों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए गीता व वेद पाठ किया।
सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत ने कहा कि दिवंगत कलाकारों को याद करना अत्यंत सराहनीय पहल है और यह उत्तराखंड के लोक कलाकारों की उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण करने में मदद करेगा। गढ़गौरव नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि कलाकार जीवनभर लोक संस्कृति के संवाहक होते हैं, परंतु निधन के बाद उन्हें भुला दिया जाता है। मंच की यह पहल उनकी याद को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में पद्मश्री प्रीतम भरतवाण ने जागर के माध्यम से शुरुआत की। इसके बाद मीना राणा, वीरेंद्र नेगी, कमल मेहरा और अन्य कलाकार दिवंगत कलाकारों के गीत प्रस्तुत कर भावपूर्ण स्मरण किया।
इस अवसर पर दिवंगत लोक कलाकारों के परिजनों को सम्मानित किया गया। इसमें स्व. गिरीश तिवारी गिर्दा, स्व. घन्नानंद गगोडिया, स्व. कबूतरी देवी, स्व. प्रह्लाद मेहरा, स्व. देवराज रंगीला, स्व. रामरतन काला, स्व. संतराम चौहान और स्व. गिरीश चंद्र इष्टवाल के परिजन सम्मिलित थे।
कार्यक्रम का संचालन अनिल चन्दोला ने किया और मंच के महासचिव अनुसूइया उनियाल, उपाध्यक्ष आनंद सिंह रावत, संयोजक नरेंद्र रौथाण सहित अन्य ने आयोजन में सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम ने लोक संस्कृति, कला और परंपराओं के संरक्षण की महत्ता को रेखांकित करते हुए कलाकारों को सम्मानित करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।