एलिवेटेड रोड देहरादून के लिए बड़ा खतरा
दून लाइब्रेरी के ‘खबरपात‘ कार्यक्रम में आपदाओं और एलिवेटेड रोड पर चर्चा
देहरादून। दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र में सोमवार को मासिक कार्यक्रम ‘खबरपात‘ के तीसरे संस्करण में राज्य में हाल में आई आपदाओं और देहरादून में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए त्रिलोचन भट्ट ने वीडियो फुटेज के माध्यम ने रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार तहसील क्षेत्र की गांवों की ग्राउंड रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने वैज्ञानिकों के हवाले से कहा कि आने वाले सालों में इस तरह की आपदाओं और की तीव्रता और बारम्बारता बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सरकारों के साथ ही आम नागरिकों को भी इस तरह की आपदाओं से बचाव के प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि धराली हो या थराली या फिर छेनागाड ये तीनों छोटे पहाड़ी गदेरों के मुहाने पर बसे हैं और छोटे गदेरों ने जब प्रचंड रूप लिया तो उत्तरकाशी का धराली, चमोली का थराली और रुद्रप्रयाग का छेनागाड पूरी तरह या गंभीर रूप से तबाह हो गये। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी तमाम जगहों की छोड़ देना चाहिए जो इस तरह के पहाड़ी गदेरों के मुहाने पर बसी है।
कार्यक्रम के दूसरे विषय एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट में मुख्य वक्ता के रूप में एक्टिविस्ट और एडवोकेट चंद्रकला और उत्तराखंड इंसानियत मंच के हरिओम पाली ने हिस्सा लिया। चंद्रकला ने कहा कि ऐलिवेटेड रोड से बस्तियों में रहने वाले हजारों परिवार तो बेघर होंगे ही, यह निर्माण देहरादून के लिए भी बडा खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि मसूरी में लगातार भार बढ़ रहा है। एलिवेटेड रोड से और ज्यादा लोग मसूरी पहुंचेंगे ऐसे में किसी न किसी दिन मसूरी धंसेगा और बिंदाल और रिस्पना में बना एलिवेटेड रोड इस संभावित आपदा की तीव्रता को बढ़ाएगा।
हरिओम पाली ने कहा कि यह रोड पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाएगी। उन्होंने इससे प्रभावित होने वाली बस्तियों के लोगों का पुनर्वास करने के बाद ही इस तरह की काम शुरू करने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि एलिवेटेड रोड को लेकर की जा रही जनसुनवाइयों में जनता की बात नहीं सुनी जा रही है, केवल नेता भाषण दे रहे हैं। उन्होंने आम लोगों की बात सुनने की जरूरत बताई।
अतिथि वक्ता के रूप में भारत ज्ञान विज्ञान समिति के विजय भट्ट और एस डी सी फाउंडेशन के अनूप नौटियाल ने चर्चा में हिस्सा लिया। विजय भट्ट ने कहा कि देहरादून दो सदानीरा नदियों और कई नहरों का शहर था। पहले नहरों का खत्म किया गया, फिर रिस्पना को बिंदाल को आईसीयू में पहुंचा दिया गया। अब नहरों के बाद इन नदियों का भी अंतिम संस्कार करने की तैयारी हो रही है। यह शहर के लिए चिन्ताजनक बात है।
अनूप नौटियाल ने कहा कि एलिवेटेड रोड इस शहर के लोगों और यहां की आबोहवा के लिए खतरनाक साबित होगी। खुद सरकारी सर्वे भी इस बात को प्रमाणित कर रहे हैं, इसके बावजूद सरकार एलिवेटेड रोड बनाने की जिद पर अड़ी हुई है।