मिथ्या प्रचार करने वाले भाजपाई सकते में
–ममता सिंह, वरिष्ठ पत्रकार
नई दिल्ली/देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विदेश दौरे से लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उत्तराखंड, गुजरात और छत्तीसगढ़ में सरकार विरोधी माहौल बनाने में जुटे ‘अपनों’ के बारे में विस्तृत जानकारी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, नड्डा और शाह द्वारा दी गई जानकारी का प्रधानमंत्री ने गंभीरता से संज्ञान लिया है और पार्टी अध्यक्ष ने कहा है कि उप राष्ट्रपति चुनाव के बाद इन नेताओं को दिल्ली तलब किया जाए। उक्त पूरे मामले में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उक्त राज्यों में जो भी भाजपाई दिग्गज अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ कुप्रचार कर रहे हैं, उन पर एक्शन हाईकमान जल्द ही लेगा। हालांकि, इस क्रम में उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बीते दिन ही स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी ऐसे नेताओं को नहीं बख्शेगी जो पार्टी या सरकार विरोधी गतिविधियों में लिप्त हंै।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने अपने ताजा बयानों से बीते एक पखवाडे़ से चल रहे सभी कयासों और अफवाहों पर विराम लगा दिया। जी हां, प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी सुरक्षित है और उनके कामकाज और कर्मठता के चलते उनकी अगुवाई में ही अगले विधान सभा चुनाव होंगेे। यह हम नहीं कह रहे, जबकि बड़े ही सख्त लहजे में श्री भट्ट ने उक्त बातें कई धड़ों में बंटी भाजपा और संगठन के नेताओं को कही हैं। उन्होंने उनके अनाप-शनाप बयानबाजी और उदंडता भरे व्यवहार पर लगाम लगाने और अनुशासन बनाए रखने की बात भी कही है। साथ ही, चेतावनी भी दी है कि दोबारा इस तरह की आपत्तिजनक बयानबाजी सरकार और संगठन पर की गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि धामी सरकार और प्रशासन का कामकाज बहुत बेहतर है, इसलिए यदि किसी भी कार्यकर्ता और नेता को कोई शिकायत है तो वह जहां-तहां रायता फैलाने के बजाय सही मंच यानी स्वयं उनसे आकर मिलें। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने अपनी टीम का विस्तार जल्द करने की बात कही है। वहीं, मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में उन्होंने कहा कि केंद्रीय आलाकमान से इस संबंध में बातचीत चल रही है, जल्द ही निर्णय होगा। उन्होंने एक बार फिर साफ किया कि अनर्गल टिप्पणी के बजाय कार्यकर्ता और नेता आपदा राहत कार्यों को सुचारू करने के लिए उक्त क्षेत्रों में जाकर डटें।
इस बीच आलाकमान की फटकार से बचते के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ भाजपा विधायक अरविंद पांडेय अपने बयानों से पूरी तरह पलट गए। उन्होंने मीडिया को बताया कि उनके पूर्व में खनन को लेकर की गई टिप्पणी उनकी गलती थी, उन्होंने भावावेश में उक्त बातें कहीं, इसका उन्हें खेद है। उन्होंने यह बात भी दोहराई कि धामी, उनके मंत्री और अधिकारी शानदार काम कर रहे हैं।
बहरहाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के सख्त एक्शन के बाद धामी विरोधी सकते में हैं। और पीएम मोदी से दिग्गज नेताओं की मुलाकात के बाद इसकी भी संभावना प्रबल है कि उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद पार्टी आलाकमान सरकार के खिलाफ जबरन अफवाह फैला रहे नेताओं पर कड़ा एक्शन लेगा। वैसे भी अपनी ही सरकार को बार-बार घेरना भाजपा और संगठन की रीति-नीति के एकदम उलट है। क्योंकि विरोधी पार्टियों को भी बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया है और दूसरी ओर, प्रदेश सरकार की छवि भी खराब हो रही है।