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उत्तरकाशी में कहर बनकर टूटा बादल, धराली में युद्धस्तर पर चल रहा राहत अभियान!

 Uttarkashi: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मंगलवार को बादल फटने की घटना के बाद धराली के खीरगाड़ क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। इस त्रासदी के बाद राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं।

अब तक 130 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और राहत शिविरों में उनके रहने, खाने और दवाइयों की व्यवस्था की गई है। 14वीं राजपूताना राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल हर्षवर्धन के नेतृत्व में 150 से ज्यादा सैनिक राहत कार्यों में जुटे हैं। वहीं एसडीआरएफ की तीन टीमें भी प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं, जिन्होंने 70 से ज्यादा लोगों को गंगोत्री क्षेत्र में सुरक्षित पहुंचाया।

घटना के बाद शासन ने त्वरित निर्णय लेते हुए राहत कार्यों के लिए 20 करोड़ रुपये की धनराशि जिलाधिकारी उत्तरकाशी को राज्य आपदा मोचन निधि से जारी की है। अपर सचिव आनंद स्वरूप ने यह जानकारी दी। क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश और रास्तों के बाधित होने के कारण राहत टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में मुश्किलें आ रही हैं।

राहत कार्यों को और सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने 2 आईजी, 3 एसपी, 11 डिप्टी एसपी और लगभग 300 पुलिसकर्मियों को मौके पर भेजा है। पीएसी और भारतीय रिजर्व बटालियन की टीमें भी राहत कार्यों में भागीदारी कर रही हैं। लोक निर्माण विभाग और बीआरओ क्षतिग्रस्त सड़कों को खोलने में जुटे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए सभी एजेंसियों को तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने देहरादून स्थित आपदा परिचालन केंद्र से हालात की समीक्षा की और निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए और राहत कार्यों में कोई कमी न रहे।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि धराली और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी शैक्षणिक संस्थान और अन्य सरकारी संस्थान बंद रखे जाएं। साथ ही, होटल और होमस्टे में रह रहे पर्यटकों के लिए भोजन, दवाइयों और ठहरने की समुचित व्यवस्था की जाए।

स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की तीन टीमें उत्तरकाशी भेजी हैं। हर्षिल, भटवाड़ी और उत्तरकाशी जिला अस्पताल में अतिरिक्त बेड आरक्षित किए गए हैं। एम्स ऋषिकेश और दून अस्पताल को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। 108 एंबुलेंस सेवा हाई अलर्ट पर है और सभी डॉक्टरों के अवकाश रद्द कर दिए गए हैं।

सेना से एमआई-17 और चिनूक हेलीकॉप्टरों की मांग की गई है ताकि मौसम साफ होते ही हवाई राहत पहुंचाई जा सके। यूकाडा के हेलीकॉप्टर भी स्टैंडबाय पर हैं।

इस प्राकृतिक आपदा का असर तीर्थयात्रा पर भी पड़ा है। रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है**, वहीं गंगोत्री और यमुनोत्री मार्ग भी बंद हैं। गंगोत्री मार्ग बंद होने के कारण धराली तक राहत टीमें समय से नहीं पहुंच पा रही हैं।

मौसम विभाग ने राज्य में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और उधमसिंह नगर जिलों में आज कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।

उत्तराखंड में मानसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है, और शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।

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