रामनगर। रामनगर के चोरपानी क्षेत्र में देर रात घरों के ऊपर ड्रोन उड़ने की सूचना से स्थानीय लोगों में खलबली मच गई। लोग अपनी छतों पर चढ़कर ड्रोन को देखने की कोशिश करने लगे, लेकिन कहीं भी ड्रोन नजर नहीं आया। घटना के बाद से इलाके में अफवाहों का दौर शुरू हो गया, जिसमें बताया गया कि ड्रोन के माध्यम से चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी देर रात क्षेत्र में पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने इस घटना को लेकर कहा कि ड्रोन से चोरी करने की अफवाह पूरी तरह निराधार है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे इन अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
रुद्रपुर में भी ड्रोन का देखा जाना
इस घटना के कुछ घंटे बाद, रुद्रपुर क्षेत्र के गूलरभोज में भी आसमान में एक ड्रोन की मौजूदगी देखी गई। लोगों ने इसका वीडियो भी बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात को हुए इस दृश्य ने वहां के लोगों की नींद उड़ा दी। वार्ड एक के निवासी आर यादव ने रात के लगभग 12 बजे आसमान में एक ड्रोन की लाइट देखी। इसके बाद लोग घरों से बाहर निकलकर ड्रोन को देखने लगे और शोरगुल मच गया।
सभासद बलराम मंडल ने बताया कि शोरगुल सुनकर वह भी बाहर आए और पता चला कि नई बस्ती के पास स्थित एक टावर से ड्रोन उड़ता हुआ बाजार की ओर आकर अचानक गायब हो गया। इसके बाद एक और ड्रोन दूसरी दिशा से आया और कोपा सिंगल कॉलोनी तक पहुंचा। इस दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग डर के साये में दो घंटे तक सड़कों और गलियों में दौड़ते रहे।
स्थानीय पुलिस की लापरवाही और अफवाहों का बढ़ता प्रभाव
हालांकि, जब स्थानीय लोगों ने 112 नंबर पर इस घटना की सूचना दी, तो कोई मदद नहीं पहुंची। सभासद बलराम मंडल ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि पुलिस ने फोन रिसीव तक नहीं किया, जिससे लोगों के बीच असंतोष बढ़ गया। उनका कहना था कि पुलिस का रुझान पूरी तरह से घटनाओं को नजरअंदाज करने जैसा था और इसने इलाके में डर और भ्रम को और बढ़ा दिया।
स्थानीय लोग खासतौर पर रात के वक्त लगातार ड्रोन उड़ने की घटनाओं को लेकर चिंतित हो गए हैं। उनका कहना है कि यदि ड्रोन की गतिविधियां जारी रही तो इससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। स्थानीय पुलिस ने इसे एक अफवाह बताने के बाद भी लोगों में असमंजस की स्थिति बनी रही।
मामले की जांच जारी
पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि इलाके में ड्रोन उड़ाने के बारे में पुलिस द्वारा जानकारी जुटाई जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि किसी प्रकार की चोरी या अन्य अवैध गतिविधियों के लिए ड्रोन का उपयोग किए जाने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है, इसलिए इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और अफवाहों से दूर रहें। पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में कोई अवैध ड्रोन गतिविधि पाई जाती है, तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि न केवल शहरों में, बल्कि ग्रामीण और उपनगरीय इलाकों में भी ड्रोन की बढ़ती सक्रियता से सुरक्षा संबंधी चिंताएँ पैदा हो रही हैं। ड्रोन के माध्यम से अवैध गतिविधियों को अंजाम देने की संभावना को देखते हुए, अब पुलिस प्रशासन और नागरिकों को मिलकर ऐसी घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। ड्रोन की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए कानून और व्यवस्था को और सख्त किया जाना आवश्यक है, ताकि लोगों का विश्वास और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।