बदरीनाथ धाम में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे पर्यावरण मित्रों को रविवार को एक विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और नगर पंचायत बदरीनाथ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में 23 पर्यावरण मित्रों को वर्दी भेंट की गई और उनके सेवा कार्यों की प्रशंसा की गई।
मंदिर परिसर में हुआ आयोजन
रविवार को बदरीनाथ मंदिर परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती और वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष रामचंद्र गौड़ ने संयुक्त रूप से पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने बदरीनाथ मंदिर परिसर में पर्यावरण मित्रों द्वारा की जा रही नियमित स्वच्छता व्यवस्था की खुले दिल से सराहना की।
ऋषि प्रसाद सती ने अपने संबोधन में कहा कि, “पर्यावरण मित्र जिस समर्पण और प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं, वह सराहनीय है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘ग्रीन-क्लीन उत्तराखंड’ के संकल्प को यह कार्य प्रत्यक्ष रूप से मजबूती दे रहा है।” उन्होंने कहा कि पर्यावरण मित्रों की भूमिका न केवल बदरीनाथ धाम की स्वच्छता में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह तीर्थयात्रियों को एक स्वच्छ और सकारात्मक अनुभव देने में भी सहायक है।
स्वच्छता कर्मियों को मिली नई वर्दी
इस अवसर पर पर्यावरण मित्रों को उच्च गुणवत्ता की जैकेट और लोअर वर्दी के रूप में भेंट की गई। नगर पंचायत बदरीनाथ के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने जानकारी दी कि ये वर्दियां विशेष रूप से बदरीनाथ की ठंडी और बरसात भरी जलवायु को ध्यान में रखकर उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि पर्यावरण मित्र अपने कार्यों को सुविधा और सुरक्षा के साथ अंजाम दे सकें।
अधिशासी अधिकारी ने कहा, “हमारे पर्यावरण मित्र विषम परिस्थितियों में भी कार्य करते हैं। ऐसे में उन्हें आवश्यक संसाधन और सम्मान देना हमारी प्राथमिकता है। इस वर्दी से उन्हें कार्य करने में सुविधा मिलेगी और यह उनकी पहचान को भी और मजबूत बनाएगी।”
थानाध्यक्ष और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी
इस कार्यक्रम में थानाध्यक्ष नवनीत भंडारी ने भी पर्यावरण मित्रों का सम्मान किया और उन्हें उनके कार्य के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण मित्रों का समर्पण बदरीनाथ जैसे पवित्र स्थल की गरिमा को बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, सुपरवाइजर सुशील कुमार, और महिला पर्यावरण मित्र पायल, पर्यावरण मित्र प्रदीप सहित अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर पर्यावरण मित्रों के कार्यों की सराहना की और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
बदरीनाथ धाम में स्वच्छता का महत्त्व
बदरीनाथ धाम हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आस्था का केंद्र रहता है। ऐसे में स्वच्छता की जिम्मेदारी अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। पर्यावरण मित्रों की टीम इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही है। नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन, और प्लास्टिक मुक्त परिसर की दिशा में किए जा रहे प्रयासों ने बदरीनाथ धाम की सुंदरता और आध्यात्मिक माहौल को और सशक्त बनाया है।
ग्रीन-क्लीन उत्तराखंड की दिशा में कदम
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शुरू की गई ‘ग्रीन-क्लीन उत्तराखंड’ थीम को सफल बनाने में पर्यावरण मित्रों की भूमिका बेहद अहम है। बदरीनाथ जैसे धार्मिक स्थलों की स्वच्छता न केवल श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक है, बल्कि यह राज्य की छवि को भी निखारने में सहायक है।
निष्कर्ष
इस सम्मान समारोह ने यह स्पष्ट कर दिया कि पर्यावरण मित्रों का कार्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और संस्कृति के संरक्षण का भी हिस्सा है। उन्हें सम्मान और सुविधा देकर सरकार और संस्थाएं न केवल उनका मनोबल बढ़ा रही हैं, बल्कि स्वच्छता की परंपरा को और मजबूत बना रही हैं। ऐसे आयोजनों से अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक प्रेरणादायी उदाहरण स्थापित होता है कि यदि जमीनी स्तर के कर्मियों को सम्मान और संसाधन दिए जाएं, तो वे असंभव को भी संभव बना सकते हैं।