देहरादून: कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान घोड़े से गिरीं पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी, रीढ़ में चोट, हेलीकॉप्टर से लाई जाएंगी देहरादून
कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान एक दुखद घटना सामने आई है। पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेत्री मीनाक्षी लेखी यात्रा के दौरान तिब्बत के दारचिन क्षेत्र में घोड़े से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी रीढ़ की हड्डी में चोट की पुष्टि हुई है। अब उन्हें विशेष हेलीकॉप्टर के जरिए देहरादून लाया जा रहा है, जहां उनका आगे का इलाज किया जाएगा।
पांच साल बाद शुरू हुई यात्रा, हादसे ने बढ़ाई चिंता
गौरतलब है कि कोरोना काल के कारण पांच वर्षों से स्थगित कैलाश मानसरोवर यात्रा इस वर्ष पुनः आरंभ की गई है। इस बहुप्रतीक्षित धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। यात्रा का पहला जत्था सुरक्षित रूप से लौट चुका है, जबकि दूसरा जत्था फिलहाल यात्रा मार्ग में है।
इसी दूसरे जत्थे में कुल 48 यात्री शामिल हैं, जिनमें से एक मीनाक्षी लेखी भी थीं। शनिवार को जब यात्रा दल दारचिन के पास से गुजर रहा था, तभी घोड़े पर सवार लेखी असंतुलित होकर नीचे गिर पड़ीं। गिरने के बाद उन्हें तुरंत यात्रा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया।
रीढ़ की हड्डी में आई चोट
यात्रा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान एक्स-रे जांच में मीनाक्षी लेखी की रीढ़ की हड्डी में चोट लगने की पुष्टि हुई। चिकित्सकों के अनुसार, उन्हें गिरने से कमर में गंभीर चोट आई है, और उनकी हालत को देखते हुए तत्काल उन्नत चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता है।
हालांकि स्थिति अभी नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन आगे की जटिलताओं से बचने के लिए उन्हें जल्द से जल्द भारत लाने का निर्णय लिया गया है।
नाभीढांग तक पहुंचाया जा रहा, फिर हेलीकॉप्टर से देहरादून रवाना
पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मीनाक्षी लेखी को सड़क मार्ग से पहले नाभीढांग तक लाया जा रहा है। वहां से उन्हें हेलीकॉप्टर के माध्यम से देहरादून स्थित अस्पताल भेजा जाएगा, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज करेगी।
जिलाधिकारी गोस्वामी ने कहा, “यात्रा के दौरान घटी इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और मेडिकल टीम हरकत में आ गई। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान तक लाने और आगे की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी गई।”
मीनाक्षी लेखी की स्थिति पर नजर बनाए हुए है केंद्र
घटना के बाद केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय की ओर से भी मीनाक्षी लेखी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनकी जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही, उनके संपर्क में मौजूद यात्रा दल के सदस्यों से लगातार अपडेट लिए जा रहे हैं।
मीनाक्षी लेखी न केवल एक वरिष्ठ भाजपा नेता हैं, बल्कि उन्होंने विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। इस यात्रा में उनकी उपस्थिति न केवल आध्यात्मिक उद्देश्य से थी, बल्कि यह संदेश भी दे रही थी कि पार्टी के वरिष्ठ नेता भी धार्मिक यात्राओं में आम जनता के साथ सहभागिता करते हैं।
सुरक्षित यात्रा के इंतजामों पर उठे सवाल
घटना के बाद एक बार फिर कैलाश मानसरोवर यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। दारचिन जैसी दुर्गम और ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करना स्वाभाविक रूप से जोखिम भरा होता है। ऐसे में यात्रियों के लिए सुरक्षा मानकों, प्रशिक्षित गाइड, उचित चिकित्सा सुविधा और पशु प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और विशिष्ट व्यक्तियों के लिए अलग से सुरक्षा व्यवस्था और हेल्थ चेकअप की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग एक बार फिर उठने लगी है।
निष्कर्ष
कैलाश मानसरोवर यात्रा में हुई यह घटना न केवल एक दुखद परिस्थिति है, बल्कि यात्रा के प्रबंधन और आपातकालीन व्यवस्था की गंभीरता को भी उजागर करती है। पूर्व मंत्री मीनाक्षी लेखी की चोट के बाद उन्हें भारत लाने और उपचार की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। प्रशासन और चिकित्सा विभाग इस पूरे घटनाक्रम पर सतर्कता से नजर बनाए हुए हैं। साथ ही, यह हादसा भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा के लिए नए दिशा-निर्देशों और सुधारों की आवश्यकता की ओर भी संकेत करता है।
देशभर से लोग मीनाक्षी लेखी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना कर रहे हैं, और उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द ही पूरी तरह से स्वस्थ होकर लौटेंगी।