संभल: इंस्टाग्राम पर अश्लील रील बनाना पड़ा भारी, दो बहनों समेत चार गिरफ्तार

संभल (उत्तर प्रदेश)। सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि और पैसे की चाहत ने दो सगी बहनों समेत चार युवाओं को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। असमोली थाना पुलिस ने इंस्टाग्राम पर अश्लील और आपत्तिजनक भाषा वाली रीलें बनाकर अपलोड करने के आरोप में इन चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपितों में दो बहनें संभल जिले के शहबाजपुर कला गांव की रहने वाली हैं, जबकि एक युवती और एक युवक अमरोहा जिले से हैं।

‘महक परी 143’ नाम से चला रहीं थीं इंस्टाग्राम चैनल

पुलिस के अनुसार, शहबाजपुर कला की रहने वाली इन दोनों बहनों ने ‘महक परी 143’ नाम से इंस्टाग्राम पर एक चैनल बनाया था। यह चैनल पिछले कुछ महीनों में तेजी से लोकप्रिय हुआ और दोनों बहनों के लाखों फॉलोअर्स हो गए। जांच में सामने आया कि इन युवतियों ने पिछले छह महीने में 546 से अधिक पोस्ट किए, जिनमें से अधिकतर में अश्लील इशारे, गाली-गलौज और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था।

चैनल की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इनके इंस्टाग्राम पर 4.32 लाख फॉलोअर्स हैं। वहीं, यह खुद भी जिन 10 अन्य खातों को फॉलो करती थीं, वे भी मुख्यतः अश्लील कंटेंट से जुड़े हुए थे।

गांव में बढ़ती चर्चा और नाराजगी

शुरुआत में गांव के लोग इन बहनों की बढ़ती प्रसिद्धि को देखकर हैरान थे, लेकिन जब वीडियो की अश्लीलता सामने आई, तो नाराजगी बढ़ने लगी। ग्रामीणों का कहना है कि पहले यह परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। पिता मेहनत-मजदूरी कर घर चलाते थे। मगर सोशल मीडिया से होने वाली कमाई के चलते अब उन्होंने काम छोड़ दिया है और अधिकतर समय खाली बैठकर गुजारते हैं।

गांव के कुछ लोगों ने जब वीडियो पर आपत्ति जताई और युवतियों को समझाने की कोशिश की, तो उन्हें उल्टा धमकी मिलनी शुरू हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि लड़कियों ने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी, जिससे डरकर अधिकांश लोग उनसे दूरी बनाने लगे।

रिश्तेदार को भी नहीं बख्शा

एक रिश्तेदार ने जब इन युवतियों को ऐसी वीडियो बनाने से मना किया, तो उसके खिलाफ मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी गई। मामला बढ़ता देख ग्रामीणों ने मध्यस्थता की और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया।

पुलिस ने की गहन जांच, अश्लील सामग्री मिलने पर कार्रवाई

गांववालों की शिकायत के आधार पर असमोली थाना पुलिस ने संबंधित इंस्टाग्राम चैनल की निगरानी शुरू की। वीडियो की तकनीकी समीक्षा करने के बाद उन्हें अश्लील और भड़काऊ पाया गया। पुलिस ने वीडियो को पेन ड्राइव में सुरक्षित किया और फिर दोनों बहनों सहित चार लोगों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

इसके बाद पुलिस ने छापेमारी करते हुए चारों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार युवतियों में दो सगी बहनें हैं जबकि एक अन्य युवती और युवक अमरोहा जिले से हैं। चारों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

सोशल मीडिया की अंधी दौड़ ने खोखली की जड़ें

यह घटना सोशल मीडिया की अंधी दौड़ और प्रसिद्धि के लालच से उपजे समाजिक और नैतिक संकट को उजागर करती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की मर्यादा और बच्चों पर पड़ रहे दुष्प्रभाव के चलते उन्होंने कार्रवाई की मांग की थी। अब जब पुलिस ने कार्रवाई की है, तो गांव में कुछ हद तक राहत महसूस की जा रही है।

पुलिस की सख्ती बनी मिसाल

असमोली थाना प्रभारी ने कहा कि समाज में अश्लीलता फैलाने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। सोशल मीडिया पर भ्रामक, आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री प्रसारित करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से अवांछित प्रसिद्धि पाने की कोशिश, यदि समाज की मर्यादा और कानून की सीमा लांघती है, तो उसका अंजाम गंभीर हो सकता है।

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