गुरु पूर्णिमा ज्ञान,श्रद्धा और परंपरा का महापर्व-चंद्रशेखर चौधरी

कोयलांचल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर विद्यालय में महर्षि वेदव्यास जयंती के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत गुरु पूर्णिमा उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस शुभ अवसर पर विद्यालय के समस्त आचार्यगण और कर्मचारियों को सम्मानित कर गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के उपाध्यक्ष चंद्रशेखर चौधरी एवं प्राचार्य उमेश प्रसाद के द्वारा संयुक्त रूप से महर्षि वेदव्यास के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया।तत्पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा गुरुवंदना एवं भक्ति गीत,रूप सज्जा आदि प्रस्तुत किए।
उपाध्यक्ष चंद्रशेखर चौधरी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं,बल्कि यह उस परंपरा का उत्सव है, जिसमें गुरु को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। इस प्रकार का आयोजन विद्यार्थियों में संस्कार और गुरु के प्रति सम्मान की भावना को प्रगाढ़ करता है गुरु पूर्णिमा ज्ञान,श्रद्धा और परंपरा का महापर्व है।
विद्यालय के प्राचार्य उमेश प्रसाद ने महर्षि वेदव्यास के जीवन और उनके ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “गुरु ही वह दीपक हैं जो अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाकर जीवन में ज्ञान का प्रकाश भरते हैं।”
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से सभी आचार्य और कर्मचारियों को उपहार भेंट कर उनका सम्मान किया गया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण और अनुशासन की सराहना की। विद्यार्थियों ने भी अपने गुरुजनों को पुष्प एवं हस्तनिर्मित कार्ड भेंट कर आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में आचार्या डॉ गायत्री कुमारी ने महर्षि वेदव्यास के जीवन पर प्रकाश डालते हुए गुरू महत्ता की चर्चा की। मंच संचालन आचार्या गायत्री कुमारी के द्वारा किया गया।धन्यवाद ज्ञापन आचार्य अमरदीप ने रखा। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के आचार्य मिथिलेश कुमार खन्ना,अमरदीप, राकेश कुमार सहाय,अमरदीप नाथ शाहदेव,शम्मी राज,अनिल कुमार त्रिपाठी,शशि कान्त,सेखर कुमार,ज्योति राजहंस,ललिता गिरी,पूनम सिंह,अनूप झा,अमित झा,दिलीप सिंह,इंद्रजीत सिंह,बच्चूलाल तिवारी,विदेश सिंह,दुर्गा प्रसाद,देव कुमार आदि की प्रमुख भूमिका रही।

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