अल्मोड़ा: सरकारी अस्पतालों से गैरहाज़िर डॉक्टरों पर होगी सख्त कार्रवाई

Almora: अल्मोड़ा जिले के सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से ड्यूटी से गायब चल रहे चिकित्सकों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। सरकारी अस्पतालों में बांडधारी चिकित्सकों की बढ़ती गैरहाजिरी से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। अब शासन ने ऐसे चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं।

सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में 15 चिकित्सक ऐसे हैं जो लंबे समय से ड्यूटी से गायब हैं। इन चिकित्सकों में से कुछ तो छह महीने से भी अधिक समय से अनुपस्थित हैं, जबकि कुछ सालों से ही अपनी सेवाएं नहीं दे रहे हैं। इन चिकित्सकों को अनुबंध के तहत तय अवधि तक अस्पतालों में सेवाएं देने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वे लंबे समय से अपनी ड्यूटी से गायब हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

गायब चिकित्सकों का कारण:

सीएमओ डॉ. नवीन चंद्र तिवारी के मुताबिक, शासन के निर्देशों के अनुसार ऐसे चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह किसी भी प्रकार की लापरवाही या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कदम शासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

बांडधारी चिकित्सकों का यह कृत्य न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित कर रहा है, बल्कि सरकारी अस्पतालों की कार्यक्षमता को भी कमजोर कर रहा है। ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की भारी कमी हो रही है, जिससे स्थानीय लोग इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो रहे हैं।

सीएमओ के दिशा-निर्देश:

डॉ. नवीन चंद्र तिवारी ने बताया कि सरकार ने कार्रवाई की योजना के तहत इन चिकित्सकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाने का आदेश दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चिकित्सक अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं लौटते या अपनी सेवाएं जारी नहीं रखते, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके साथ ही जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी पर चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष निगरानी तंत्र भी स्थापित किया जाएगा।

ग्रामीणों की समस्याएं:

अल्मोड़ा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहले ही काफी सीमित हैं। ऐसे में चिकित्सकों की गैरहाजिरी से यह स्थिति और भी विकट हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब डॉक्टर अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित रहते हैं, तो उन्हें इलाज के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि मरीजों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है।

केंद्र सरकार का ध्यान:

यह घटना इस बात को भी उजागर करती है कि स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में गंभीर सुधार की आवश्यकता है, खासकर दूरदराज के इलाकों में। सरकार को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर और ध्यान दे और बांडधारी चिकित्सकों के लिए अधिक सख्त नियम बनाये ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सभी को समान रूप से मिल सकें।

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