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खुद को भरत और हरीश को राम बताया

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देहरादून। कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता हरीश रावत और हरक सिंह रावत के बीच में जबानी जंग है की रुकने का नाम ही नही ले रही है। और इस बार हरीश रावत के उपर हरक सिंह रावत ने हमला बोला है।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग का प्रकरण एक बार फिर से चर्चाओं में है। साल 2016 का बहुचर्चित स्टिंग ऑपरेशन मामला एक बार फिर से सामने आने के बाद उत्तराखंड की सियासत में हलचल तेज हो गई है।

इस बहुचर्चित स्टिंग प्रकरण में सीबीआई ने हरीश रावत, हरक सिंह रावत, उमेश कुमार और मदन बिष्ट को नोटिस जारी किया है। सीबीआई ने हाईकोर्ट में इन चारों के वॉयस सैंपल लेने की अनुमति के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था।

वहीं जब से यह पूरा प्रकरण हुआ है तब से आज तक हरीश रावत और हरक सिंह रावत के बीच में सब कुछ सामान्य नहीं हो पाया है। समय-समय पर यह दोनों ही बड़े नेता एक दूसरे पर निशाना साधते रहते हैं।

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कुछ दिन पहले ही हरीश रावत ने खुद को राम और हरक सिंह रावत को भरत बताते हुए कहा था की भरत ने कभी राम की सरकार गिराने की कोशिश नही की। और अब हरक सिंह रावत ने हरीश रावत के इसी बयान का जवाब दिया है, हरक सिंह रावत ने हरीश रावत को कलयुगी राम और खुद को कलयुगी भरत बता डाला है।

मामला उस वक्त का है जब हरक सिंह रावत ने मीडिया को एक बयान दिया और उसमें उन्होंने कहा कि जिस तरह से भगवान राम ने अपने छोटे भाई भरत के लिए गद्दी छोड़ दी थी उसी तरह से हरक सिंह रावत के लिए बड़े भाई हरीश रावत को भी गद्दी छोड़ देनी चाहिए और इसी का जवाब देते हुए हरीश रावत ने कहा था कि भरत ने कभी भी राम की सरकार गिराने का काम नहीं किया। और अब हरक सिंह रावत ने इसी का जवाब दिया है।

हरक रावत ने खुद को कल योगी भरत और हरीश रावत को कलयुगी राम बता डाला है। हरक सिंह रावत ने कहा कि राम ने भरत को सरकार गिराने में मजबूर कर दिया था। मैं कलयुगी भरत हूं और मेरा बड़ा भाई कलयुगी राम है।

वही हरक सिंह रावत द्वारा हरीश रावत को कलयुगी राम और खुद को कलयुगी भरत कहने के मामले मे हरीश रावत ने भी बड़ा कटाक्ष हरक सिंह रावत पर किया है हरीश रावत ने साफ कहा कि कभी भरत ने राम की सरकार गिराने के लिए प्लोटिंग नहीं की थी ऐसे मे अगर ऐसे भरत हो गए तो रामायण से राम भरत प्रसंग ही हटाना पड़ जायेगा।

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