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आयुष्मान योजना : मुफ्त उपचार पर खर्च हुई 12 अरब से अधिक की राशि

देहरादून । उत्तराखंड राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की अगुवाई में संचालित आयुष्मान योजना राज्य के कमजोर और गरीब परिवारों के रोगियों के लिए वरदान साबित हुई है। योजना के तहत अभी तक 6.67 लाख मरीजों ने मुफ्त उपचार सुविधा का लाभ उठाया है।

इस पर सरकार की 1203 करोड़ से अधिक की राशि खर्च हुई है। प्रदेश के विभिन्न अस्तपालों से आ रहे फीड बैक ही आयुष्मान योजना का महत्व बताने के लिए काफी हैं। पूर्व में कई लोग आर्थिक बोझ के कारण बीमारी का उपचार नहीं करा पाते थे और अस्वस्थता के बावजूद अपने जीवन को जोखिम में डालने को विवश थे।

पर जब से आयुष्मान योजना शुरू हुई आर्थिक रूप से कमजोर लोगों भी बड़ा सहारा मिल गया। किच्छा निवासी धनवीर बताते हैं कि मजदूरी करके वह अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। काम के दौरान हुए एक हादसे में वह घायल हुए। आयुष्मान योजना से उनका मुफ्त उपचार हुआ।

वह कहते हैं कि यदि आयुष्मान योजना नहीं होती तो यह तय था कि वह विकलांग होकर रह जाते, और परिवार चलाना मुश्किल हो जाता। यानी उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह स्वयं का इलाज करा पाते।

योजना के लाभार्थी पपलों निवासी भोपाल सिंह, चमोली की लक्ष्मी देवी, उत्तरकाशी के बमंड गांव निवासी गंगाराम, बूरा गांव निवासी गुनरीराम, हरिद्वार के अरूण कुमार समेत बड़ी तादाद उन लाभार्थियों की है जिनके सामने अस्वस्थता के दिनों में बेबसी और लाचारी मुंह बाये खड़ी रहती थी।

इन लाभाथ्रियों का कहना है कि यदि आयुष्मान योजना नहीं होती तो अस्वस्थता का संकट जीवन के हालातों पर हावी हो जाता। योजना ने कई लोगों को फिर से स्वस्थ व खुशहाल जीवन का तोहफा दिया है तो कई मरीजों के लिए यह योजना प्राणदायिनी साबित हुई है।

उपचारित मरीज गदगद भाव सरकार का आभार जताते हैं। महज चार साल की समयावधि में प्रदेश में 49.72 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। प्रदेश के ज्यादातर लोग मुफ्त उपचार सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। लाभ लेने वाले कुल मरीजों की तादाद 6.67 लाख से अधिक पहुंच गई है।

योजना के अंतर्गत हुए लाभार्थियों के मुफ्त उपचार पर सरकार की 1203 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च हो चुकी है। इस योजना से राज्य के 223 सरकारी और निजी अस्पताल जुड़े हुए हैं जबकि 30 हजार से अधिक अस्पताल देशभर में सूचीबद्ध हैं।

उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री डा धन सिंह रावत ने कहा,‘‘आम जनमानस के जीवन से जुड़ी आयुष्मान योजना टूटती सांसों से बिखरती उम्मीदों को फिर से समेटने का अतुलनीय कार्य कर रही है। यह जन कल्याण का एक वह मुकाम जहां मूल्य और मायने सिर्फ इंसानियत के ही शेष बचते हैं।

हमें प्रसन्नता है कि प्रदेश में आयुष्मान योजना सराहना के स्तर को हासिल कर रही है। जन स्वास्थ्य हमारी सरकार की प्राथमिकताओं में हैं। लाभार्थियों को बेहतर से बेहतर सुविधा हर हाल में मिले।

डा. रावत ने कहा,‘‘हमारी कोशिश है कि प्रदेश में शत-प्रतिशत लोगों के आयुष्मान कार्ड बन जाएं। ताकि संजीवनी, प्राणदायिनी जैसे अलंकरणों को सुशोभित करने वाली आयुष्मान योजना का लाभ सभी को मिल सके।

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