ट्रेनों में यात्रियों को जरूरत के अनुरूप मिलेगा खाना

नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने ट्रेनों में यात्रियों को खान-पाने से जुड़े विकल्प देने की अनुमति दी है। इससे अब यात्री अपने रेलवे के खाने में क्षेत्रीय व्यंजनों, मौसमी व्यंजनों, त्योहारी व्यंजनों, पसंद और जरूरत को शामिल कर सकेंगे। स्थानीय खान-पान, मधुमेह, पोषकता और शिशु जरूरतों के अनुरूप भी यात्री खाना ले सकेंगे।

रेल मंत्रालय के अनुसार सक्षम प्राधिकारी ने इससे जुड़े नियमों को स्वीकृति प्रदान कर दी है। प्रीपेड ट्रेनों में केटरिंग शुल्क यात्री किराए में शामिल होता है। उनके लिए मेनू का निर्धारण आईआरसीटीसी द्वारा पहले से अधिसूचित टैरिफ के भीतर किया जाएगा। इसके अलावा, इन प्रीपेड ट्रेनों में अगल से भोजन और एमआरपी पर ब्रांडेड खाद्य पदार्थों की बिक्री की भी अनुमति होगी। ऐसे भोजन का मेनू और टैरिफ आईआरसीटीसी द्वारा तय किया जाएगा।

अन्य मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए, मानक भोजन जैसे बजट सेगमेंट आइटम का मेनू पहले से अधिसूचित निर्धारित टैरिफ के भीतर आईआरसीटीसी द्वारा तय किया जाएगा। जनता भोजन का मेनू और टैरिफ अपरिवर्तित रहेगा।मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में भोजन और ब्रांडेड खाद्य पदार्थों की एमआरपी पर बिक्री की अनुमति होगी। भोजन का मेनू और टैरिफ आईआरसीटीसी द्वारा तय किया जाएगा।

मेनू तय करते समय आईआरसीटीसी यह सुनिश्चित करेगा कि भोजन और सेवा की गुणवत्ता और मानक बरकरार रहे। यह यात्रियों की शिकायतों से बचने के लिए सुरक्षा उपाय के तौर पर हैं। मात्रा और गुणवत्ता में कटौती, घटिया ब्रांडों के उपयोग आदि जैसे बार-बार और अनुचित परिवर्तनों से बचने के लिए इन्हें तय किया गया। मेनू को टैरिफ के अनुरूप होना चाहिए और मेनू को यात्रियों की जानकारी के लिए पूर्व-अधिसूचित करना होगा।

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