श्रीलंका में बढ़ सकता है डेंगू का खतरा

कोलंबो। श्रीलंका में मच्छरों को फैलने से रोकने वाले रसायन की लगातार हो रही कमी के बीच देश में डेंगू के तेजी से फैलने का खतरा बढ़ गया है। राष्ट्रीय डेंगू नियंत्रण यूनिट (एनडीसीयू) ने सोमवार को यह जानकारी दी।

एनडीसीयू के अनुसार कोलंबो, गामपाहा, कैंडी, गाले, मातरा, जाफना, बाट्टीकोला,  पुट्टालम और रतनापुर में डेंगू को लेकर सर्वाधिक खतरे वाले स्थान हैं। एनडीसीयू के निदेशक सुदत समरावीरा ने कहा कि मच्छरों को नियंत्रित रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले कीटाणुनाशक की कमी है।

स्वास्थ्य विभाग को इस बारे में जानकारी दे दी गयी है और वह जल्द से जल्द पर्याप्त मात्रा में कीटाणुनाशक मुहैया करायेंगे। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में तीसरी सप्ताह की तुलना में डेंगू के मामलों में 22. 6 प्रतिशत का इजाफा हुआ। इस बीच जनस्वास्थ्य निरीक्षकों के प्रमुख उपल रोहाना ने मीडिया को बताया कि मच्छरों को फैलने से रोकने वाला रसायन उनके पास समाप्त हो चुका है।

इतना ही नहीं डेंगू के मरीजों की पहचान के लिए किये जाने वाले परीक्षण के लिए आवश्यक सामान की भी वह भारी किल्लत से जूझ रहे हैं।  रोहाना ने बताया कि उन्होंने 2022 के पहले तीन महीनों में 17123 मामलों की जानकारी मिली थी जो 2021 में दर्ज किये मामलों से लगभग आधे थे।

उन्होंने डेंगू के मामले बढ़ने और इसके कारण होने वाली मौतों में भी आने वाले समय में इजाफा होने की आशंका जतायी है क्योंकि डेंगू से बचने और उसका परीक्षण करने का कार्यक्रम बाधित हो गया है।

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