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एशियन पैरा खेलों में आयुष वर्मा का गोल्डन धमाका, एक ही खेल में जीते दो पदक

आइची-नागोया। एशियाई पैरा खेल-2026 में भारतीय पैरा एथलीट आयुष वर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की गोला फेंक एफ-53 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया। आयुष ने अपने पांचवें प्रयास में 8.16 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर पहला स्थान हासिल किया। इस स्वर्ण पदक के साथ उन्होंने प्रतियोगिता में दो पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। इससे पहले वह भाला फेंक एफ-53/एफ-54 स्पर्धा में कांस्य पदक जीत चुके हैं।

गोला फेंक स्पर्धा में ईरान के अलीरेजा हेमामी ने 8.09 मीटर का थ्रो कर रजत पदक अपने नाम किया। वहीं, कजाकिस्तान के मखाम्बेट सेरिक्कालिएव ने 6.81 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता। आयुष ने अपने प्रदर्शन से दोनों प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

2020 में शुरू किया था पैरा खेलों का सफर

उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी आयुष वर्मा का जन्म 15 जुलाई 1991 को हुआ था। वह एफ-53 वर्ग के खिलाड़ी हैं, जिसमें एथलीट बैठकर थ्रो करने वाली स्पर्धाओं में हिस्सा लेते हैं। आयुष ने वर्ष 2020 में प्रतिस्पर्धात्मक पैरा खेलों में अपना सफर शुरू किया था। उन्होंने कोच रोबिन कुमार के मार्गदर्शन में गोला फेंक का अभ्यास किया और लगातार मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।

भारतीय पैरा एथलेटिक्स को मिली नई उपलब्धि

आयुष वर्मा के स्वर्ण पदक से एशियाई पैरा खेलों में भारत के पदकों की संख्या में एक और इजाफा हुआ है। प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन देश के पैरा एथलीटों की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने वाला रहा। गोला फेंक में स्वर्ण और भाला फेंक में कांस्य जीतकर आयुष ने साबित किया कि एक ही प्रतियोगिता में अलग-अलग स्पर्धाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है।

दो पदकों के साथ उनका अभियान भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए यादगार बन गया है।

 

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