आइची-नागोया। एशियाई पैरा खेल-2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। बुधवार को तीरंदाजी में शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने महिला कंपाउंड युगल स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। वहीं, एथलेटिक्स में अनुभव चौधरी ने पुरुषों की 100 मीटर टी-35 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। इन उपलब्धियों के साथ भारत की पदक संख्या 37 पहुंच गई और वह पदक तालिका में छठे स्थान पर बना रहा।
स्वर्ण से चूकीं शीतल देवी और पायल नाग
महिला कंपाउंड युगल स्पर्धा के रैंकिंग दौर में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली भारतीय जोड़ी से स्वर्ण पदक की उम्मीद थी। हालांकि, फाइनल मुकाबले में उन्हें चीन की शुएछिंग शू और जिंग झाओ की जोड़ी के सामने 141-150 से हार का सामना करना पड़ा। चीनी खिलाड़ियों ने बेहतरीन निशानेबाजी करते हुए स्वर्ण पदक जीता। इस रजत पदक के साथ भारत को मौजूदा एशियाई पैरा खेलों की पैरा तीरंदाजी स्पर्धा में पहला पदक मिला।
अनुभव चौधरी का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
एथलेटिक्स में अनुभव चौधरी ने पुरुषों की 100 मीटर टी-35 दौड़ में 12.72 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। यह उनके करियर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रहा। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय दल के पदकों की संख्या में इजाफा किया।
सिमरन शर्मा ने बनाया नया रिकॉर्ड
भारतीय धाविका सिमरन शर्मा ने महिलाओं की 100 मीटर टी-12 स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाकर एक और उपलब्धि हासिल की। उन्होंने हीट में 12.13 सेकंड का समय निकालते हुए एशियाई पैरा खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले मंगलवार को सिमरन महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
शीतल और पायल की प्रेरणादायक कहानी
19 वर्षीय शीतल देवी देश की प्रमुख पैरा तीरंदाजों में शामिल हैं। उन्होंने पेरिस पैरालंपिक-2024 की मिश्रित टीम कंपाउंड स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। वहीं, ओडिशा के बलांगीर की पायल नाग ने भी मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद तीरंदाजी में पहचान बनाई। आठ वर्ष की उम्र में बिजली का करंट लगने से उनके चारों अंग प्रभावित हुए थे। इसके बाद उन्होंने कटरा स्थित माता वैष्णो देवी श्राइन तीरंदाजी अकादमी में कोच कुलदीप वेदवान के मार्गदर्शन में अभ्यास शुरू किया। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि भारतीय खेल जगत के लिए प्रेरणा है।
