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एशियन पैरा खेलों में प्रवीण कुमार का गोल्डन धमाल, बंटी ने भी जीता रजत

आइची-नागोया। एशियाई पैरा खेल-2026 में भारतीय पैरा एथलीटों ने ऊंची कूद स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को दो पदक दिलाए। प्रवीण कुमार ने 2.05 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि बंटी ने 1.92 मीटर की व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ रजत पदक जीता। प्रवीण ने इस प्रदर्शन के साथ अपना खिताब बचाने के अलावा खेलों का नया रिकॉर्ड भी बनाया।

प्रवीण ने प्रतियोगिता की शुरुआत 1.92 मीटर की ऊंचाई से की और इसके बाद लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए 2.05 मीटर की ऊंचाई पार कर ली। उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें शीर्ष स्थान दिलाया। वहीं, बंटी ने 1.92 मीटर की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया। उज्बेकिस्तान के तेमुरबेक गियाजोव ने 1.86 मीटर की ऊंचाई पार कर कांस्य पदक जीता।

टोक्यो से पेरिस तक चमका प्रवीण का प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के गोविंदगढ़ गांव के रहने वाले प्रवीण कुमार का जन्म 15 मई 2003 को हुआ था। निचले अंगों से संबंधित दिव्यांगता के साथ जन्मे प्रवीण ने कम उम्र में ही एथलेटिक्स में रुचि विकसित की और ऊंची कूद को अपना प्रमुख खेल बनाया। वह कोच डॉ. सत्यपाल सिंह के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेते हैं और भारतीय खेल प्राधिकरण के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम केंद्र में अभ्यास करते हैं। वह लक्ष्य ओलंपिक पोडियम योजना के तहत भी शामिल हैं।

प्रवीण ने टोक्यो पैरालंपिक में 2.07 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता था। इसके बाद हांगझोऊ एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया। पेरिस पैरालंपिक-2024 में उन्होंने 2.08 मीटर की छलांग के साथ स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वर्ष 2025 में नई दिल्ली में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 2.00 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक जीता था।

अर्जुन पुरस्कार और खेल रत्न से सम्मानित

प्रवीण को उनकी उपलब्धियों के लिए वर्ष 2021 में अर्जुन पुरस्कार और वर्ष 2024 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। टोक्यो पैरालंपिक के रजत पदक से पेरिस के स्वर्ण तक का उनका सफर निरंतर मेहनत और शानदार प्रदर्शन की मिसाल है। एशियाई पैरा खेलों में एक बार फिर स्वर्ण जीतकर उन्होंने भारतीय पैरा एथलेटिक्स में अपनी मजबूत पहचान कायम रखी है।

 

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