देहरादून। उत्तराखंड की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य से जुड़े कथित ऑडियो और उनके द्वारा पति से जान का खतरा होने की बात कहे जाने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंत्री की सुरक्षा और शिकायत पर हुई कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि यदि प्रदेश की एक मंत्री स्वयं अपने पति से जान का खतरा होने की बात कह रही हैं, ऑडियो जारी कर रही हैं और इस संबंध में पुलिस को तहरीर दे रही हैं, तो यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसकी गंभीरता को समझते हुए तत्काल उचित कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सवाल किया कि मंत्री रेखा आर्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और उनकी ओर से दी गई शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि जब सरकार में शामिल एक महिला मंत्री की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, तो आम महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
गरिमा मेहरा दसौनी ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि संबंधित ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जानी चाहिए, ताकि उसकी प्रामाणिकता स्पष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि जांच में यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला सुरक्षा किसी राजनीतिक दल का नारा भर नहीं, बल्कि सरकार की संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है। कानून की नजर में सभी समान हैं और किसी भी मामले में निष्पक्षता के साथ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से इस प्रकरण में पारदर्शिता बरतने और जनता के सामने तथ्यों को स्पष्ट करने की मांग की।
