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ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों पर धामी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों को मिलेगी दोगुनी राहत!

देहरादून। उत्तराखंड में ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कृषि, औद्यानिकी और गन्ने की फसलों को हुए नुकसान के लिए निर्धारित आपदा राहत मानकों के अतिरिक्त समान राशि की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही प्रभावित किसानों के तीन महीने के बिजली बिलों का भुगतान स्थगित करने और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण की अदायगी में राहत दिलाने की दिशा में भी पहल की गई है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को निर्धारित आपदा राहत मानकों के तहत मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त उतनी ही राशि की मदद दी जाएगी। इस निर्णय से फसल क्षति के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। अतिरिक्त सहायता से किसान आगामी कृषि और औद्यानिकी गतिविधियों को जारी रखने के लिए जरूरी संसाधन जुटा सकेंगे।

सरकार का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों पर पड़े आर्थिक बोझ को कम करना और उन्हें दोबारा खेती-किसानी शुरू करने में सहयोग देना है।

प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने के लिए अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर माह के बिजली बिलों का भुगतान स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। इससे किसानों को तीन महीने तक बिजली बिल के भुगतान का दबाव नहीं रहेगा और वे इस अवधि में फसल नुकसान से उबरने पर ध्यान दे सकेंगे।

किसान क्रेडिट कार्ड से लिए गए ऋण की अदायगी में राहत दिलाने के लिए भी राज्य सरकार ने पहल की है। इसके तहत भारत सरकार के वित्त मंत्रालय को पत्र भेजकर प्रभावित किसानों के KCC ऋण भुगतान को तीन महीने तक स्थगित करने का अनुरोध किया जाएगा।

हालांकि, ऋण भुगतान स्थगित करने के संबंध में केंद्र सरकार से अनुरोध किया जाना प्रस्तावित है। इसलिए इस राहत को अंतिम मंजूरी मिलने की स्थिति से अलग समझना जरूरी है।

मुख्यमंत्री के इन निर्देशों से ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है। अतिरिक्त सहायता, बिजली बिल भुगतान में स्थगन और ऋण अदायगी के लिए प्रस्तावित राहत से किसानों को नुकसान की भरपाई करने तथा अगली कृषि गतिविधियों की तैयारी में मदद मिल सकती है।

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