मैड्रिड, 14 अक्टूबर। मैनचेस्टर यूनाइटेड के डिफेंडर लिसांद्रो मार्टिनेज ने एटलेटिको मैड्रिड के खिलाफ 0-2 की हार के बाद क्लब के प्रबंधन और खिलाड़ियों की भर्ती नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चैंपियंस लीग में वापसी के बाद टीम को मजबूत बनाने के लिए प्रबंधन को और गंभीर प्रयास करने चाहिए थे। मार्टिनेज के इस बयान से क्लब के भीतर टीम निर्माण और जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज हो सकती है।
मैच के बाद अमेजन प्राइम को दिए साक्षात्कार में मार्टिनेज ने कहा कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार जरूरी है, लेकिन बड़ी प्रतियोगिताओं में मुकाबला करने के लिए मजबूत टीम तैयार करना भी प्रबंधन की जिम्मेदारी है। उन्होंने फुटबॉल निदेशक जेसन विलकॉक्स से बेहतर खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने की अपेक्षा जताई।
मार्टिनेज ने कहा कि पिछले सत्र में टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मजबूत आधार तैयार किया था। ऐसे में मौजूदा सत्र में टीम की स्थिति निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि अन्य क्लब भी अपनी टीमों को मजबूत करने के लिए लगातार नए खिलाड़ियों को शामिल कर रहे हैं, जबकि मैनचेस्टर यूनाइटेड को भी प्रतिस्पर्धा के स्तर को देखते हुए अधिक प्रयास करने चाहिए थे।
मैनेजर बदलने से नहीं सुधरेंगे हालात
मार्टिनेज ने क्लब में बार-बार मैनेजर बदलने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल कोच को बदलने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। क्लब के दूसरे विभागों और प्रबंधन की भूमिका पर भी ध्यान देना जरूरी है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि खिलाड़ियों को मैदान पर अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा।
उनकी नाराजगी ऐसे समय सामने आई है, जब मैनचेस्टर यूनाइटेड का प्रदर्शन लगातार निराशाजनक बना हुआ है। टीम सभी प्रतियोगिताओं में पिछले पांच मैचों से जीत हासिल नहीं कर पाई है। इंग्लिश प्रीमियर लीग में भी टीम अब तक केवल एक जीत दर्ज कर सकी है और अंक तालिका में 13वें स्थान पर है।
एटलेटिको के सामने नहीं टिक सकी यूनाइटेड
मैच में एटलेटिको मैड्रिड ने शुरुआत से ही दबाव बनाया। पाब्लो बारियोस ने पहले ही मिनट में गोल कर टीम को बढ़त दिला दी। दूसरे हाफ में एडेमोला लुकमैन ने दूसरा गोल करके एटलेटिको की 2-0 से जीत पक्की कर दी।
इस हार के बाद मैनचेस्टर यूनाइटेड के मुख्य कोच माइकल कैरिक पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। वहीं, मार्टिनेज के बयान ने खिलाड़ियों की भर्ती, टीम की मजबूती और क्लब प्रबंधन की जवाबदेही को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
